सीएम नीतीश बेरोजगारी के मुद्दे पर मानव श्रृखंला का निर्माण करें तो गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में होगा नाम : राठौड़
पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने एक सूत्री कार्यक्रम शराबबंदी से हटकर प्रदेश में व्याप्त जबरदस्त बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बिहार बेरोजगारी रूपी महामारी से जूझ रहा है। मगर प्रदेश के मुख्यमंत्री सोते-जागते बस शराबबंदी का जाप करते रहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रश्न किया है कि क्या सिर्फ शराबबंदी के गुणगान से प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं की समस्या हल हो जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार दिल्ली में जाकर पूरे देश में शराब बंदी की बात करते हैं। मगर यह नहीं बताते कि देश तथा प्रदेश में व्याप्त बेरोजगारी दूर करने के लिए उन्होंने कभी सपने में भी कुछ सोचा है क्या? अगर नहीं तो उन्हें अभी से शराबबंदी के साथ-साथ बेरोजगारी के विषय में सोचना आरंभ कर देना चाहिए, चुनाव नजदीक है, प्रदेश के लाखों युवा मुख्यमंत्री से अपनी बेरोजगारी के लिए सवाल कर रहे हैं और मुख्यमंत्री बेरोजगारी के मुद्दे पर मौन साध लेते हैं। राजेश राठौड़ ने कहा कि शराबबंदी मुहिम अच्छी है। मगर यह कैसी शासकीय प्रवृत्ति हो गई कि अपने ‘स्वप्न’ शराबबंदी के समक्ष सत्ता भय-भूख तथा भ्रष्टाचार रूपी महामारियों को एकदम से भूल गई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग किया है कि अगर वे चाहते हैं कि गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हो तो वे शराबबंदी के जगह बेरोजगारी पर मानव श्रृंखला का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री बेरोजगारी पर मानव श्रृंखला का निर्माण करते हैं। तभी वे जान पाएंगे कि उनके प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या कितनी विकराल हो चुकी है। बढ़ती बेरोजगारी का दंश समाज का हर वर्ग झेल रहा है। मगर मुख्यमंत्री सिर्फ शराबबंदी का जाप कर प्रदेश के युवाओं को भरमाने का काम कर रहे हैं।


