January 28, 2026

रामाकांत यादव हत्याकांड मामले में आरोपी ने किया कोर्ट में सरेंडर, दो मामलों में चल रहा था फरार

पटना। जिले के रानीतालाब थाना क्षेत्र के धाना गांव में हुए चर्चित बालू कारोबारी रामाकांत यादव हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। इस मामले में नामजद आरोपी मंटू कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। मंटू न केवल हत्या मामले में बल्कि आर्म्स एक्ट के एक अन्य मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस की बढ़ती दबिश के बाद उसने कोर्ट का रुख कर सरेंडर किया।
हत्या के दो दिन बाद चला पुलिसिया अभियान
यह मामला 10 जुलाई की शाम का है, जब रामाकांत यादव अपने घर के बाहर बगीचे में टहल रहे थे। तभी कुछ अपराधी पैदल वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी। गोली रामाकांत की छाती और बांह में लगी, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और अगली सुबह कार्रवाई के तहत मंटू कुमार के पिता रामकुमार यादव के घर से एक देशी कट्टा भी बरामद किया। इस सिलसिले में रामकुमार यादव को गिरफ्तार किया गया।
मंटू कुमार दो मामलों में था वांछित
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मंटू कुमार रानीतालाब थाना कांड संख्या 277/25 और 280/25 में अभियुक्त है। पहला मामला रामाकांत यादव की हत्या से जुड़ा है जिसमें मंटू अप्राथमिकी अभियुक्त है। वहीं दूसरा मामला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है, जिसमें मंटू प्राथमिक अभियुक्त है। दोनों ही मामलों में मंटू फरार था और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। आखिरकार कोर्ट में आत्मसमर्पण के जरिए मंटू को कानून के शिकंजे में लाया गया।
पुलिस कर रही आगे की जांच, मुख्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने दावा किया है कि उसने हत्या के मामले का खुलासा कर लिया है और मंटू कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। हालांकि, मृतक के परिजनों की माने तो उन्हें पुलिस के दावों पर विश्वास नहीं है। उनका कहना है कि हत्या के पीछे सिर्फ पैसों की लेनदेन या ब्याज का मामला नहीं है, इसके पीछे कोई और गहरी साजिश हो सकती है, जिसे पुलिस उजागर नहीं कर रही है।
गांव में भय का माहौल, परिजन मांग रहे सुरक्षा
रामाकांत यादव की हत्या के बाद गांव में तनाव और भय का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीणों में डर का माहौल है, वहीं मृतक के परिजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और सरकार से सुरक्षा की मांग की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी न हो।
मामले को लेकर बनी हुई है असमंजस की स्थिति
हालांकि पुलिस यह कह रही है कि उसने मामले की तह तक पहुंच बना ली है, लेकिन जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और सभी पहलुओं से जांच नहीं होती, तब तक इस हत्याकांड को लेकर संदेह बना रहेगा। परिजनों को पूरा विश्वास है कि हत्या के पीछे केवल पैसों की वजह नहीं है। रामाकांत यादव हत्याकांड में आरोपी का आत्मसमर्पण पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता जरूर है, लेकिन जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक पीड़ित परिवार और आम जनता के मन में संदेह बना रहेगा। प्रशासन और पुलिस को इस मामले में गंभीरता से काम लेते हुए परिजनों की आशंकाओं को दूर करना होगा और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवानी होगी।

You may have missed