January 28, 2026

राजस्थान में स्कूली बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा, सात बच्चों की मौत, 29 की हालत गंभीर

झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा हुआ है। मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी गांव के स्कूल की एक क्लासरूम की छत शुक्रवार को बारिश के बीच अचानक गिर गई। उस समय सातवीं कक्षा के 35 बच्चे उस कमरे में मौजूद थे। छत गिरते ही सभी बच्चे मलबे के नीचे दब गए, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
7 मासूमों की दर्दनाक मौत, 29 गंभीर घायल
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और स्कूल के शिक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास शुरू किया। घायलों को आनन-फानन में मनोहरथाना अस्पताल लाया गया। अस्पताल के डॉक्टर कौशल लोढ़ा ने बताया कि कुल 35 घायल बच्चे अस्पताल लाए गए, जिनमें से 5 की मौत मौके पर ही हो गई थी। गंभीर रूप से घायल 11 बच्चों को बेहतर इलाज के लिए झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, वहां पहुंचने के बाद एक और बच्चे ने दम तोड़ दिया। बाद में एक और बच्चे की मौत की खबर आई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई।
हादसे के वक्त स्कूल में 71 बच्चे थे मौजूद
पीपलोदी के सरकारी स्कूल में कुल 7 क्लासरूम हैं, जिनमें से दो में उस समय पढ़ाई चल रही थी। कुल 71 बच्चे स्कूल में मौजूद थे, जबकि जिस क्लास में हादसा हुआ उसमें सिर्फ सातवीं कक्षा के 35 बच्चे थे। घटनाक्रम के समय स्कूल के दो शिक्षक भी मौजूद थे, लेकिन वे दोनों किसी कारणवश बिल्डिंग से बाहर थे।
मौके पर मची अफरा-तफरी
जैसे ही घटना की खबर गांव में फैली, लोगों की भीड़ स्कूल की ओर दौड़ पड़ी। मलबे में दबे बच्चों को देखकर हर कोई सन्न था। चीख-पुकार के बीच बच्चे, माता-पिता और शिक्षक सभी बेहद भयभीत नजर आए। जैसे ही एंबुलेंस पहुंची, मां-बाप रोते-बिलखते अपने बच्चों को गोद में उठाकर अस्पताल की ओर भागे।
रेस्क्यू ऑपरेशन चला एक घंटे तक
घटना के बाद करीब एक घंटे तक राहत और बचाव कार्य चला। कई बच्चे भारी दीवारों और छत की पट्टियों के नीचे दबे हुए थे, जिन्हें बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू टीम के लोग और ग्रामीण मिलकर बच्चों को निकालते रहे। बच्चों को जैसे ही बाहर लाया गया, उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी कि घायलों को हरसंभव मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दोपहर को घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
स्कूल भवनों की जर्जर हालत पर सरकार चिंतित
राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हादसे को लेकर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हजारों सरकारी स्कूल भवन जर्जर अवस्था में हैं और उन्हें ठीक करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता घायल बच्चों के समुचित इलाज और उनके परिवारों की सहायता करना है। झालावाड़ की यह घटना न केवल एक दर्दनाक हादसा है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों की जर्जर संरचना और अनदेखी पर गंभीर सवाल भी खड़ा करती है। यह समय है जब राज्य सरकार को स्कूलों की सुरक्षा और मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो। साथ ही, इस हादसे से सबक लेते हुए राज्य के सभी स्कूलों की इमारतों की व्यापक जांच अनिवार्य हो गई है।

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