January 29, 2026

दिल्ली में महसूस किए गए हल्के भूकंप के झटके, 3.2 की तीव्रता, फरीदाबाद रहा केंद्र

नई दिल्ली। मंगलवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोग उस समय घबरा गए जब लगभग 6 बजे धरती में हलचल महसूस की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.2 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र हरियाणा के फरीदाबाद में था, जो सतह से करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। भूकंप लगभग 5 सेकंड तक महसूस किया गया, जिससे लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए।
नुकसान की कोई खबर नहीं
इस भूकंप की तीव्रता भले ही कम थी, लेकिन इससे राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। फिलहाल कहीं से किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। जानकारों के अनुसार, यह सामान्य श्रेणी का भूकंप था, जो केवल कुछ सेकेंड तक रहा और इसकी ऊर्जा भी सीमित थी।
जुलाई में तीसरी बार महसूस हुआ भूकंप
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जुलाई महीने में यह तीसरा मौका है जब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले 10 और 11 जुलाई को भी दिल्ली में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 4.4 मापी गई थी। उस समय भी किसी नुकसान की खबर नहीं आई थी, लेकिन लगातार हो रही इस प्रकार की घटनाओं ने लोगों को मानसिक रूप से विचलित कर दिया है।
लोगों में बढ़ रहा है भय
भूकंप चाहे जितना भी हल्का क्यों न हो, इसका प्रभाव लोगों के मन पर पड़ता है। अचानक से जमीन हिलने पर लोग स्वाभाविक रूप से घबरा जाते हैं। इस बार भी लोग डर के कारण घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या अगर भविष्य में तीव्र भूकंप आया तो पर्याप्त सुरक्षा और बचाव व्यवस्था मौजूद है या नहीं।
दिल्ली में क्यों रहता है भूकंप का खतरा
दिल्ली भूकंपीय दृष्टिकोण से एक संवेदनशील क्षेत्र है। यह क्षेत्र हिमालय के काफी नजदीक स्थित है, जहां भारत और यूरेशिया की टेक्टॉनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं। इसी वजह से दिल्ली में बार-बार हल्के या मध्यम भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा भूकंप आता है, तो उसकी तीव्रता 6 से 6.9 तक हो सकती है, जो जानमाल के लिए काफी खतरनाक हो सकता है।
नेपाल-तिब्बत क्षेत्र का असर
नेपाल, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्र में जब भी भूकंप आता है, उसका असर दिल्ली पर भी पड़ता है। इन इलाकों की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वहां आने वाली हर बड़ी भूकंपीय हलचल उत्तर भारत को प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि दिल्ली और आसपास के लोग हमेशा सतर्क रहते हैं और थोड़ी सी भी हलचल उन्हें विचलित कर देती है। दिल्ली में हाल के दिनों में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भले ही ये भूकंप कम तीव्रता के हों, लेकिन इनसे यह संकेत अवश्य मिलता है कि धरती के भीतर कुछ न कुछ हलचल जारी है। ऐसे में ज़रूरत है सतर्कता की, जागरूकता की और सरकार द्वारा आपदा से निपटने के लिए सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की।

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