January 29, 2026

विशेष मतदाता पुनरीक्षण में 90 फ़ीसदी वोटर्स ने जमा किए एसआईआर फॉर्म, ड्राफ्ट प्रशासन की तैयारी में आयोग

पटना। बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाया जा रहा विशेष सघन मतदाता पुनरीक्षण अभियान-2025 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस अभियान के तहत मतदाताओं से गणना फॉर्म (एसआईआर फॉर्म) भरवाने का कार्य किया गया है ताकि राज्य में मौजूद वास्तविक मतदाताओं की पहचान की जा सके और मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं को सूची से हटाया जा सके। ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 90.67 प्रतिशत यानी लगभग सात करोड़ 16 लाख मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा कर दिए हैं।
अभियान की बची हुई प्रक्रिया
अब तक राज्य में केवल 3.77 प्रतिशत मतदाताओं यानी करीब 29 लाख 62 हजार मतदाताओं के फॉर्म जमा होना बाकी हैं। चुनाव आयोग के पास केवल चार दिन शेष हैं, जिसके भीतर बचे हुए फॉर्मों को प्राप्त कर लिया जाना है। यह अभियान राज्य में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है ताकि आगामी चुनावों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
स्थायी पते से अनुपस्थित मतदाता
पुनरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया है कि राज्य के 43 लाख 92 हजार मतदाता अपने स्थायी पते पर उपलब्ध नहीं पाए गए। यह संख्या कुल मतदाताओं का 5.56 प्रतिशत है। इस अनुपस्थिति के पीछे कई कारण सामने आए हैं। इनमें प्रमुख हैं – मृत्यु, स्थान परिवर्तन और दोहरी प्रविष्टि।
मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान
आयोग द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अनुपस्थित पाए गए मतदाताओं में से करीब 16 लाख 55 हजार मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 19 लाख 75 हजार से अधिक मतदाता ऐसे हैं जो अपने पते से अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं। यह तथ्य राज्य में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव को भी दर्शाता है।
दोहरी प्रविष्टि और गुमनाम मतदाता
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि सात लाख 50 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज हैं। इसे लेकर आयोग सतर्क है और दोहराव की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए विशेष तकनीकी सहायता और सत्यापन प्रणाली का सहारा लिया जा रहा है। एक और चिंताजनक स्थिति यह है कि अब तक 11 हजार से अधिक ऐसे मतदाता हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यह वर्ग आयोग के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है, क्योंकि इन मतदाताओं का सत्यापन कर पाना लगभग असंभव होता जा रहा है।
ड्राफ्ट सूची की तैयारी
इन सभी आंकड़ों और सर्वेक्षण के आधार पर अब चुनाव आयोग मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है। यह ड्राफ्ट आगामी समय में प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें शुद्ध और अद्यतन सूची प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर आगे की मतदाता सूची में संशोधन तथा नए नामांकन और विलोपन की प्रक्रिया शुरू होगी। बिहार में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत मिली जानकारी चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग द्वारा इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने की दिशा में अब तक की गई प्रगति उल्लेखनीय है। बचे हुए दिनों में शेष मतदाताओं को भी अपने फॉर्म भरकर प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए ताकि वे भविष्य के चुनावों में बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

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