January 28, 2026

23 जुलाई को ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगे प्रधानमंत्री, मुक्त व्यापार समझौते पर होगा हस्ताक्षर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 23 और 24 जुलाई को ब्रिटेन की यात्रा पर जा सकते हैं। यह यात्रा भारत और ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंधों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर औपचारिक हस्ताक्षर की संभावना है। यह समझौता व्यापार, निवेश और रणनीतिक संबंधों के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
तीन वर्षों की कठिन बातचीत का परिणाम
भारत और ब्रिटेन के बीच इस समझौते पर बातचीत का सिलसिला पिछले तीन वर्षों से जारी था। दोनों देशों की सरकारों ने इसमें कई दौर की बातचीत की और अंततः मई 2025 में एक समझौते पर सैद्धांतिक सहमति बनी। अब यह समझौता प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान औपचारिक रूप से लागू होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। हालांकि, इसे पूर्ण रूप से प्रभावी होने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है।
व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
यह मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। भारत की ओर से लगभग 99 प्रतिशत निर्यात वस्तुएं इस समझौते के अंतर्गत टैरिफ मुक्त हो जाएंगी, जिससे भारतीय उद्योगों को ब्रिटिश बाजार में प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी। खासकर वस्त्र, रत्न-आभूषण, फार्मास्युटिकल्स, आईटी सेवाओं और कृषि उत्पादों के निर्यात को काफी लाभ मिलने की संभावना है। वहीं ब्रिटेन की कंपनियों को भारत में व्हिस्की, लग्जरी कारों और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के निर्यात में आसानी होगी। यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते को भारत और ब्रिटेन के बीच एक “ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया है। उनके अनुसार, यह न केवल व्यापार और निवेश को गति देगा, बल्कि विकास और रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही यह भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सशक्त करेगा। इस यात्रा के दौरान सुरक्षा, रक्षा, साइबर सहयोग और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
मालदीव की यात्रा भी प्रस्तावित
प्रधानमंत्री मोदी की यह विदेश यात्रा केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहेगी। 25 और 26 जुलाई को वे मालदीव की यात्रा पर भी जाएंगे। इस दौरान वे मालदीव के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारत और मालदीव के बीच पारंपरिक रूप से गहरे संबंध रहे हैं और यह यात्रा उस रिश्ते को और मजबूत करने का प्रयास होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी ब्रिटेन यात्रा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह मुक्त व्यापार समझौता भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर मंच प्रदान करेगा और भारत-ब्रिटेन रिश्तों को नए आयाम देगा। साथ ही मालदीव यात्रा क्षेत्रीय कूटनीति को मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल साबित होगी।

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