January 29, 2026

पांचवीं बार बिहार दौरे पर राहुल गांधी: राजगीर में करेंगे ओबीसी संवाद, 6 जून को होगा सम्मेलन

पटना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर बिहार के दौरे पर आ रहे हैं। यह उनका पिछले पांच महीनों में बिहार का पांचवां दौरा होगा। इस बार उनका विशेष फोकस राज्य के अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) समुदाय पर है, जिसके तहत वह 6 जून को नालंदा जिले के राजगीर में एक बड़े सम्मेलन में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम कांग्रेस की ओर से “अत्यंत पिछड़ा वर्ग सम्मेलन” के नाम से आयोजित किया जा रहा है।
नीतीश के गढ़ में कांग्रेस की दस्तक
नालंदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है और यह क्षेत्र उनकी राजनीति का मजबूत आधार माना जाता है। यहां की बड़ी आबादी अत्यंत पिछड़े वर्ग से आती है, जो पारंपरिक रूप से जदयू का मजबूत वोट बैंक माना जाता है। ऐसे में राहुल गांधी का यहां आकर सम्मेलन करना और ईबीसी समाज से संवाद करना एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। कांग्रेस अब नीतीश कुमार के गढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।
हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे राजगीर
राहुल गांधी 6 जून को पटना एयरपोर्ट पर उतरेंगे और वहां से सीधे हेलीकॉप्टर से राजगीर के कन्वेंशन सेंटर पहुंचेंगे, जहां यह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो इस सम्मेलन में राज्य और जिला स्तर के कांग्रेस नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में ईबीसी समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य कांग्रेस की जमीनी पकड़ को मजबूत करना है।
27 मई को टल गया था कार्यक्रम
गौरतलब है कि राहुल गांधी का यह कार्यक्रम पहले 27 मई को प्रस्तावित था। लेकिन आयोजन स्थल राजगीर के कन्वेंशन सेंटर में हॉल उपलब्ध न होने की वजह से इसे टाल दिया गया था। बाद में नई तारीख तय कर इसे 6 जून को आयोजित करने का फैसला लिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस इस सम्मेलन को लेकर बेहद गंभीर है और इसे किसी भी हालत में सफल बनाना चाहती है।
पिछले दौरे में दरभंगा और पटना का दौरा
15 मई को भी राहुल गांधी बिहार दौरे पर आए थे। उस समय उन्होंने दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास का दौरा किया था, जहां प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वे पहुंचे और छात्रों से संवाद किया। इस घटना को लेकर उनके खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज की गई थीं। दरभंगा से लौटने के बाद उन्होंने पटना में 400 सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ “फुले” फिल्म देखी थी, जो सामाजिक न्याय के विषय पर आधारित है।
कांग्रेस के लिए अहम चुनावी तैयारी
चुनावी साल में राहुल गांधी के लगातार बिहार दौरे को कांग्रेस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन को फिर से हासिल करने की दिशा में जुट गई है। राहुल गांधी का यह लगातार संपर्क और संवाद कार्यक्रम कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ईबीसी समुदाय के बीच एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश मानी जा रही है।
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह कदम बिहार की पारंपरिक राजनीति को प्रभावित कर सकता है। नीतीश कुमार के प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस की सक्रियता और पिछड़े वर्गों पर केंद्रित रणनीति से राज्य में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। आगामी सम्मेलन में राहुल गांधी क्या संदेश देते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।

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