January 30, 2026

जदयू कार्यालय पहुंचे सीएम नीतीश, कार्यकर्ताओं से किया संवाद, अटकलें का बाजार तेज

पटना। सोमवार की सुबह बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी मौजूद थे। नीतीश कुमार के इस अचानक दौरे ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार्यालय में कार्यकर्ताओं से संवाद
सीएम नीतीश करीब 10 मिनट तक पार्टी कार्यालय में रुके और इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की। कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और नारे लगाए। नीतीश कुमार ने पार्टी कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। एक कार्यकर्ता जब कुछ कहने के लिए सामने आया तो नीतीश ने तुरंत उमेश कुशवाहा को उसकी समस्या सुनने का निर्देश दिया।
दिल्ली से लौटने के बाद का दौरा
इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी थे। इसी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी भी शामिल हुए थे।
बैठक छोड़ अचानक बाहर निकले सीएम
हालांकि, इस बैठक के दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने सबको चौंका दिया। बैठक के निर्धारित समय दोपहर 2:30 बजे तक रहने के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीच में ही बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। वह सीधे अपने सरकारी आवास 6 कामराज लेन लौट गए, जबकि बाकी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक जारी रही। इस अचानक कदम से राजनीतिक अटकलों को बल मिला।
राजनीतिक विश्लेषण और संभावनाएं
नीतीश कुमार के इस रवैये को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नीतीश कुमार एक बार फिर से पार्टी संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। जदयू कार्यालय का दौरा और कार्यकर्ताओं से संवाद इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
चुनाव मोड में नीतीश कुमार
बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और राजनीतिक दल एक्टिव मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अब पार्टी को चुनावी धार देने के मूड में नजर आ रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
अटकलों का दौर जारी
नीतीश कुमार के जदयू कार्यालय दौरे और दिल्ली बैठक से बीच में निकलने की घटनाओं के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। कई राजनीतिक जानकार इसे आगामी रणनीतिक बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे केवल संगठनात्मक मजबूती की कोशिश बता रहे हैं।
आगे की दिशा पर नजर
फिलहाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस कदम ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि वह एक बार फिर से पार्टी को अपनी पकड़ में लेने और चुनावी रणनीति को धार देने में जुट चुके हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में वे कौन से बड़े राजनीतिक कदम उठाते हैं और इसका असर बिहार की राजनीति पर क्या पड़ता है।

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