सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, 88.39 फीसदी स्टूडेंट सफल, डिजिलॉकर से मिलेगी मार्कशीट
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 88.39% रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.41% अधिक है। छात्र-छात्राएं अपना परिणाम सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर देख सकते हैं। इसके अलावा DigiLocker, UMANG ऐप और SMS सेवाओं के माध्यम से भी रिजल्ट प्राप्त किया जा सकता है। बोर्ड ने जानकारी दी है कि इस साल 12वीं की परीक्षा में लगभग 17.88 लाख छात्रों ने भाग लिया था। परीक्षा 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की गई थी। कुल मिलाकर इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों परीक्षाओं में करीब 42 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया। इस वर्ष भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का पास प्रतिशत 91% से अधिक रहा है, जो लड़कों से 5.94% ज्यादा है। यह लगातार दूसरा साल है जब छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि देश में बालिकाओं की शिक्षा में लगातार सुधार हो रहा है। क्षेत्रीय परिणामों की बात करें तो त्रिवेंद्रम रीजन ने फिर एक बार बाजी मारी है। यहां का कुल पास प्रतिशत 99.91% रहा। दूसरे स्थान पर विजयवाड़ा और तीसरे स्थान पर चेन्नई रहा। यह ट्रेंड लगातार देखा गया है कि दक्षिण भारत के क्षेत्र शैक्षणिक प्रदर्शन में अग्रणी रहते हैं।सीबीएसई बोर्ड की नीति के अनुसार, किसी भी छात्र को टॉपर घोषित नहीं किया जाता है और बोर्ड मेरिट लिस्ट भी जारी नहीं करता। बोर्ड का मानना है कि इससे अनावश्यक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है, जिससे छात्रों पर मानसिक दबाव पड़ता है। इसके साथ ही बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर भी किसी छात्र को टॉपर घोषित न करें। रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र डिजिलॉकर पर अपनी मार्कशीट, पास सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट देख सकते हैं। हालांकि यह केवल अस्थायी (टेंपरेरी) दस्तावेज होंगे। छात्रों को ओरिजिनल मार्कशीट अपने-अपने स्कूलों से प्राप्त करनी होगी। यह मार्कशीट आगे की पढ़ाई, कॉलेज एडमिशन और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए अनिवार्य होगी। स्कूल प्रबंधन समय रहते छात्रों को इस संबंध में सूचित करेंगे। इस बार सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में ना सिर्फ परिणाम में सुधार देखा गया, बल्कि छात्राओं ने एक बार फिर साबित किया कि मेहनत और लगन से सफलता संभव है। बोर्ड की ओर से घोषित पारदर्शी और छात्रहितकारी नीतियां इस बात का संकेत देती हैं कि शिक्षा व्यवस्था लगातार बेहतर की दिशा में अग्रसर है। अब छात्र अपने अगले शैक्षणिक सफर की तैयारी कर सकते हैं और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।


