बगैर वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों का आशियाना उजाड़ना बंद करे सरकार : माले
फुलवारी शरीफ। एनआरसी सीएए एनपीआर के खिलाफ जनजागरण अभियान के तहत सुइथा, सकरैचा, मौलाना बुद्धु चक, मगली चक, महुली, बेलदारी चक, पुनपुन बांध, सलारपुर, पलंगा गांव में माले ने अभियान चलाया। इस दैरान ग्राम सभा हुई, जिसमें नेताओं को पता चला कि जल जीवन हरीयाली योजना के तहत गरीबों को उजाड़ने के लिए नोटिस दिया गया है। चिहुट, सलारपुर, सकरैचा, गंजपर, इस्माइलपुर, पलंगा, कोइरी विगहा में गरीबों के आशियाना उजाड़ने का नोटिस दिया गया है। भाकपा माले प्रखंड सचिव कामरेड गुरुदेव दास ने कहा कि नीतीश सरकार के द्वारा फुलवारी में सैकड़ों गरीबों को उजाड़ने के नोटिस दिया गया है इसलिए भाकपा माले ने मांग किया है कि बिना बैकलपिक व्यवस्था के गरीबों को उजाड़ने पर रोक लगाया जाये अन्यथा माले आंदोलन चलाने को बाध्य हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एनपीआर में माता-पिता के जन्म प्रमाण पत्र के अलावा जन्म स्थान भी मांगा जा रहा है, जो सबलोगों को उपलब्ध कराना संभव नहीं है । वरिष्ठ कामरेड शरीफा मांझी ने कहा कि फुलवारी के गांव-गांव में लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे अब ग्रामीणों को समझ आ गया है कि भाजपा केवल धर्म-जाति के नाम पर लोगों को ठगने का काम करती है। इस मौके पर मजदूर सभा के संयोजक ललिन पासवान, देवी लाल पासवान, छोटू मांझी, बबन दास, लोहारी दास सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। नेताओं ने लोगों से अपील की है कि संविधान व लोकतंत्र को बचाने के लिए हजारों की संख्या में 25 फरवरी को विधानसभा घेराव में गांधी मैदान चलें।


