February 25, 2026

संजय राउत का बड़ा दावा, कहा- बिहार चुनाव जीतने को तहव्वुर राणा को जल्द फांसी पर लटकाएगी सरकार

मुंबई। मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाया जाना न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि इसके साथ ही देश की राजनीति में भी हलचल शुरू हो गई है। तहव्वुर राणा को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) मुख्यालय की हाई-सिक्योरिटी सेल में रखा गया है, जहां 8 एजेंसियां उसकी पूछताछ कर रही हैं। यह पूछताछ कैमरे के सामने हो रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे। इस बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तहव्वुर राणा को भारत लाने की प्रक्रिया कोई आज की नहीं है, बल्कि यह पिछले 16 वर्षों से चल रही कानूनी लड़ाई का नतीजा है, जिसकी शुरुआत कांग्रेस शासन में हुई थी। इसलिए राउत ने चेताया कि इसका श्रेय लेने की राजनीति नहीं होनी चाहिए। सबसे बड़ा आरोप संजय राउत ने यह लगाया कि सरकार तहव्वुर राणा को बिहार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए फांसी दे सकती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार इस मुद्दे को जनता की भावनाओं से जोड़कर चुनाव में वोट हासिल करना चाहती है। राउत का मानना है कि जिस तरह 1993 मुंबई बम धमाकों के आरोपी अबू सलेम को भी भारत लाया गया था, उसी तरह तहव्वुर राणा को भी लाया गया है, लेकिन इसका उपयोग राजनीति में नहीं होना चाहिए। संजय राउत ने यह भी मांग की कि केवल आतंकियों पर नहीं, बल्कि आर्थिक अपराधियों पर भी सरकार को सख्ती दिखानी चाहिए। उन्होंने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे आर्थिक भगोड़ों को भी भारत लाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस पूरी स्थिति से यह स्पष्ट है कि तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण ने एक ओर जहां आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर यह भारतीय राजनीति के लिए एक नया चुनावी मुद्दा भी बनता जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई करती है या इसे चुनावी हथियार बनाकर प्रस्तुत करती है।

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