बिहार में कानून व्यवस्था ध्वस्त, सीएम के हाथ में कुछ नहीं, वे केवल भाजपा की कठपुतली : अखिलेश सिंह
पटना। बिहार में हाल ही में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने अररिया में एक दारोगा की हत्या को लेकर सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारों पर काम कर रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर गंभीर आरोप
अखिलेश सिंह ने बिहार में बढ़ते अपराधों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में अब आम जनता सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के हाथ में शासन की बागडोर नहीं है और वे केवल भाजपा की नीतियों का पालन कर रहे हैं। दारोगा की हत्या को लेकर उन्होंने सरकार की विफलता को उजागर किया और कहा कि अगर पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा?
नीतीश कुमार और राबड़ी देवी की नोकझोंक
बिहार विधान परिषद में हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच तीखी बहस हुई। इस बहस के दौरान माहौल गरमा गया और राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इस पर सदन में भारी हंगामा हुआ और विपक्ष ने मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग की। राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा तक मांग लिया, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने भी बिहार की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को खुद यह तय करना चाहिए कि उन्हें पद पर बने रहना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है और अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
कांग्रेस की रोजगार और नौकरी यात्रा
अखिलेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है और बिहार में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए “रोजगार और नौकरी यात्रा” शुरू कर रही है। इस यात्रा के माध्यम से पार्टी युवाओं से सीधे संवाद करेगी और उनके मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब बिहार की जनता को एक मजबूत विकल्प देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
संभल में मस्जिदों को ढकने का मुद्दा
अखिलेश सिंह ने उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मस्जिदों को ढकने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है और इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने का प्रयास है और सरकार को इस पर पारदर्शी रुख अपनाना चाहिए। बिहार में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों में यह रणनीति कितना असर डालती है और बिहार की जनता किसे अपना समर्थन देती है।


