विपक्ष पर भाजपा अध्यक्ष का हमला, जयसवाल बोले- विपक्ष वर्तमान में मुद्दाविहीन, मोतियाबिंद का कराए ऑपरेशन
पटना। पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विपक्ष पूरी तरह से मुद्दाविहीन हो चुका है और उसे अपनी दृष्टि सुधारने की जरूरत है। जायसवाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि विपक्ष को “मोतियाबिंद का ऑपरेशन” कराना चाहिए और अपना चश्मा बदल लेना चाहिए, जिससे वे वास्तविक मुद्दों को देख सकें। उनका कहना था कि पहले विपक्ष रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा करता था, लेकिन अब वह चुप है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि वे गया से विपक्ष के लिए “तीखी मिर्च” लाए हैं और उनके झूठे वादों का “इलाज” खोज लिया है। उन्होंने विपक्ष के हर आरोप और दावे का मजबूती से जवाब देने का संकल्प लिया। जायसवाल ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे “युवा चौपाल” का आयोजन कर रहे हैं, लेकिन उनका इतिहास “चरवाहा विद्यालय” से जुड़ा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए के संयुक्त सम्मेलन से विपक्ष पूरी तरह से हताश हो गया है।विपक्ष की विचारधारा पर कटाक्ष करते हुए जायसवाल ने कहा कि अब जनता को “लालटेन” नहीं बल्कि “बिजली” पसंद है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि विपक्ष बिहार को फिर से लालटेन युग में ले जाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता वरिष्ठ नेताओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जबकि उन्हें यह एहसास नहीं है कि एक दिन वे भी उम्रदराज होंगे। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ विपक्ष के बयानों की निंदा की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह शर्मनाक है। जायसवाल ने इसे “जाहिलों” जैसी बातें बताते हुए कहा कि राजनीति में इस तरह की भाषा उचित नहीं है। उन्होंने तेजस्वी यादव की तुलना दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से करते हुए कहा कि वे उन्हीं की तरह केवल वादे करने में लगे हुए हैं, जबकि जनता के लिए असली काम नीतीश कुमार कर रहे हैं। जायसवाल ने विपक्ष को चार महीने में मुद्दे खोजने की चुनौती दी और दावा किया कि उन्हें कोई ठोस मुद्दा नहीं मिलेगा। उन्होंने तेजस्वी यादव से सवाल किया कि जब वे डोमिसाइल नीति की बात करते हैं, तो उनकी पार्टी के राज्यसभा सांसद हरियाणा से क्यों आते हैं? उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले अपनी पार्टी और परिवार में डोमिसाइल नीति लागू करनी चाहिए। दिल्ली सरकार की मुफ्त योजनाओं का उदाहरण देते हुए जायसवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जब मुफ्त सुविधाओं की शुरुआत की थी, तब जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे, लेकिन आज उनकी स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बिहार सरकार योजनाओं को सम्मानजनक तरीके से लागू करेगी, जिससे जनता को वास्तविक लाभ मिलेगा। जायसवाल ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को “देश की दूसरी सेना” बताते हुए कहा कि इनके जोश से बिहार में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि अब कोई पदाधिकारी पटना मुख्यालय में बैठा नहीं रहेगा, बल्कि सभी गांवों की ओर रुख करेंगे। उन्होंने बिहार के बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि पहले राज्य को “जंगलराज” के नाम से जाना जाता था, लेकिन नीतीश कुमार के शासन में बिहार ने बहुत प्रगति की है। दिलीप जायसवाल के इस बयान से स्पष्ट है कि बिहार में राजनीतिक माहौल गरमा रहा है। उन्होंने विपक्ष को कमजोर और दिशाहीन बताते हुए दावा किया कि एनडीए सरकार बिहार की जनता के हित में काम कर रही है। वहीं, उन्होंने तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत हमले किए और उन्हें राजनीतिक दृष्टि सुधारने की सलाह दी। कुल मिलाकर, यह प्रेस वार्ता आगामी चुनावी तैयारियों और राजनीतिक संघर्षों का संकेत देती है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप जारी रहेंगे।


