पटना में किन्नरों का पुलिस के खिलाफ हंगामा, पीटने का लगाया आरोप, मचा बबाल
पटना। बाईपास थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक घटना ने विवाद खड़ा कर दिया। महादेव स्थान के पास भारी वाहनों से बख्शीश मांग रहे किन्नरों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। किन्नरों का आरोप है कि पुलिस ने न केवल उन्हें वहां से खदेड़ा, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। इस घटना में तीन किन्नर, जिनके नाम छोटी, रुबीना और अंशिका बताए गए हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के विरोध में भारी संख्या में किन्नर बाईपास थाने पहुंचे और प्रदर्शन किया। किन्नर समाज की माला गुप्ता ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार बार-बार किन्नरों को मुख्यधारा से जोड़ने की बात करती है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। समाज में उनके साथ भेदभाव होता है, और आजीविका के साधन की कमी के कारण उन्हें मजबूरी में सड़कों पर और विभिन्न कार्यक्रमों में बख्शीश मांगनी पड़ती है। माला गुप्ता ने बताया कि इस घटना में पुलिस ने किन्नरों के साथ अनुचित व्यवहार किया और उन्हें शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि किन्नरों के साथ इस तरह का व्यवहार समाज में उनके हाशिये पर पड़े जीवन को और कठिन बना देता है। दूसरी ओर, बाईपास थाना प्रभारी ने किन्नरों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें ट्रक चालकों से जबरन पैसा वसूलने की शिकायत मिली थी। इसी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किन्नरों को वहां से हटाया। थाना प्रभारी ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया और कहा कि यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। इस घटना ने एक बार फिर समाज में किन्नरों की स्थिति और उनके अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किन्नर समुदाय का कहना है कि वे सरकार और समाज से समर्थन की उम्मीद रखते हैं, लेकिन उनके प्रति संवेदनशीलता की कमी उन्हें मजबूर कर देती है कि वे सड़कों पर उतरकर विरोध करें। वहीं, इस मामले में पुलिस और किन्नरों के बीच सुलह का रास्ता निकालने की आवश्यकता है ताकि आगे इस प्रकार की स्थिति न बने। यह घटना केवल एक विवाद नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल है कि किन्नर समुदाय को कब और कैसे मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा।


