टीआरई-4 में 80 हज़ार से अधिक शिक्षकों की होगी बहाली, 21397 खाली पद होंगे शामिल, नोटिफिकेशन जल्द
पटना। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है। बिहार लोक सेवा आयोग ने चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) के तहत 80 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की योजना बनाई है। यह भर्ती प्रक्रिया राज्य के स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तीसरे चरण के अधूरे पद होंगे शामिल
टीआरई-4 में तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई-3) में खाली रह गए 21,397 पदों को भी जोड़ा जाएगा। तीसरे चरण के तहत चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए वर्तमान में काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद चौथे चरण की भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
रिक्त पदों का विवरण और अधिसूचना की तैयारी
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के शिक्षाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में खाली पड़े शिक्षकों के पदों का ब्यौरा तैयार करने का निर्देश दिया है। यह डेटा आने के बाद ही टीआरई-4 के तहत वैकेंसी की अधिसूचना जारी की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिक (कक्षा 1 से 5), माध्यमिक (कक्षा 6 से 8), और उच्च माध्यमिक (कक्षा 9 से 12) स्कूलों के शिक्षक पद शामिल होंगे।
विशेष पदों पर फोकस
चौथे चरण की शिक्षक बहाली प्रक्रिया में गणित, संगीत, और खेल शिक्षकों के लगभग 11,000 पदों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में भी शिक्षकों के खाली पदों को भरा जाएगा।
पहले चरण की सफलता और आगे की योजना
बिहार लोक सेवा आयोग अब तक तीन चरणों में कुल 2.81 लाख शिक्षक पदों पर भर्तियां निकाल चुका है। इनमें से 2.55 लाख पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। चौथे चरण के साथ, शेष खाली पदों को भरने का लक्ष्य रखा गया है। बीपीएससी ने इस बार भर्ती प्रक्रिया को और तेज और पारदर्शी बनाने का आश्वासन दिया है।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
यह भर्ती प्रक्रिया राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। विशेष रूप से गणित, संगीत, और खेल जैसे विषयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में यह पहल सहायक सिद्ध होगी।
अभ्यर्थियों के लिए अवसर
इस भर्ती प्रक्रिया से राज्य के हजारों युवाओं को सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा। बीपीएससी जल्द ही टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिससे अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। चौथे चरण की यह शिक्षक भर्ती प्रक्रिया बिहार में शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।


