हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर बनाए गए बिहार के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष का करेंगे चयन
पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूरे देश में संगठन पर्व मना रही है। इस पर्व के तहत सदस्यता अभियान से लेकर जिला और प्रदेश स्तर पर अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया जोरों पर है। बिहार में इस आयोजन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए विशेष रूप से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर लाल खट्टर को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है।
बिहार में संगठन की तैयारी
भाजपा की बिहार इकाई ने विधानसभा चुनावों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए अपनी संगठनात्मक ताकत को मजबूत करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। संगठन पर्व के तहत सदस्यता अभियान चलाया गया, जिसमें 60 लाख से अधिक लोगों को भाजपा का सदस्य बनाया गया। इन सदस्यों को ओटीपी सत्यापन के जरिए पार्टी से जोड़ा गया। पार्टी के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए मंडल अध्यक्षों का चयन पहले ही हो चुका है। अब जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
मनोहर लाल खट्टर को मिली बिहार की जिम्मेदारी
भाजपा ने बिहार में संगठनात्मक चुनाव को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मनोहर लाल खट्टर को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी देखरेख में बिहार में प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके साथ ही प्रदेश स्तर की नई कमेटी का गठन भी होगा। खट्टर की नियुक्ति पार्टी नेतृत्व की ओर से यह संकेत देती है कि बिहार जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में संगठन को सुदृढ़ करना प्राथमिकता है।
प्रदेश अध्यक्ष के चयन पर ध्यान
प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर भाजपा ने एक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया है। हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि बिहार के किसी भी नेता को इस प्रक्रिया में प्रभारी के रूप में नहीं जोड़ा गया है। न तो किसी केंद्रीय मंत्री को, न ही संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय परिषद चुनाव के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस निर्णय के पीछे पार्टी नेतृत्व की सोच संभवतः निष्पक्षता बनाए रखने और संगठनात्मक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने की मंशा को दर्शाती है।
29 प्रभारियों की टीम नियुक्त
भाजपा ने बिहार में संगठनात्मक चुनावों के लिए 29 प्रभारियों की टीम बनाई है। ये प्रभारी पार्टी के केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं में से चुने गए हैं। इनका मुख्य कार्य संगठनात्मक प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से अंजाम देना है। संगठन पर्व के तहत पार्टी इस बात पर भी जोर दे रही है कि सभी स्तरों पर चुनाव बिना किसी विवाद और बाधा के पूरे किए जाएं।
बिहार में भाजपा का राजनीतिक परिदृश्य
भाजपा ने बिहार में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए हाल के वर्षों में कई रणनीतिक कदम उठाए हैं। 60 लाख से अधिक सदस्यों का जुड़ना पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल पार्टी के जनाधार को बढ़ाने का संकेत है, बल्कि विधानसभा चुनावों के लिए भी एक मजबूत संगठनात्मक ढांचे का निर्माण करता है। प्रदेश अध्यक्ष के चयन और प्रदेश स्तर की कमेटी के गठन के बाद, पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को और अधिक मजबूती से लागू कर सकेगी। भाजपा का संगठन पर्व बिहार में न केवल पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी इसे तैयार कर रहा है। मनोहर लाल खट्टर की नियुक्ति और 29 प्रभारियों की टीम का गठन यह सुनिश्चित करता है कि संगठनात्मक चुनाव सुचारू रूप से पूरे हों। बिहार में 60 लाख से अधिक सदस्यों की भागीदारी भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता और मजबूत संगठनात्मक ढांचे का प्रतीक है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदों के चयन के बाद किस प्रकार से आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीति को आकार देती है।


