पीएमसीएच एंबुलेंस ड्राइवर की हत्या करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार, कमीशन नहीं देने पर मारी थी गोली
पटना। पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) में एक एंबुलेंस चालक की निर्मम हत्या के मामले का खुलासा पुलिस ने सोमवार को कर दिया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात का कारण कमीशन विवाद बताया गया है। यह घटना 26 दिसंबर की देर रात हुई, जब विनय कुमार (35), जो पीएमसीएच में एंबुलेंस चलाता था, को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उस समय विनय अपनी गाड़ी में बैठा था। चार अपराधी वहां आए, उसे गाड़ी से खींचा और उसके सीने में दो गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य साजिशकर्ता मोनू सहित अन्य चार आरोपियों – अमन, राजेश, निखिल और बंटी को गिरफ्तार किया। इन सभी को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया। इनके पास से पुलिस ने दो पिस्टल, एक मैगजीन और एक बुलेट बरामद की है। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। जांच में यह सामने आया कि विनय कुमार कमीशन देने का विरोध करता था। एंबुलेंस चालकों से कमीशन वसूलने की इस प्रथा को लेकर मुख्य आरोपी मोनू ने इसे चुनौती के रूप में लिया। उसे लगा कि यदि विनय विरोध करता है तो अन्य चालक भी ऐसा कर सकते हैं। इसी सोच के कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर विनय को मारने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, मोनू और उसके साथियों ने विनय को रास्ते से हटाने के लिए पूरी योजना बनाई। घटना की रात वे उसे मारने आए और अपने इरादे को अंजाम दिया। यह मामला दिखाता है कि कमीशन की इस अवैध व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने पर किस तरह हिंसा का सहारा लिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच के परिणामस्वरूप न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए गए। यह घटना एक बार फिर से अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर करती है। पटना के इस हत्याकांड ने एंबुलेंस सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और कमीशन प्रथा की काली सच्चाई को उजागर किया है। मृतक विनय कुमार का साहस, जिसने इस अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाई, समाज को एक गहरी सीख देता है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई ने कानून व्यवस्था की मजबूती को प्रदर्शित किया।


