February 20, 2026

पटना में बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार दंपति को कुचला, पत्नी की मौके मौत, पति की हालत गंभीर

हादसे में मृत महिला की फाइल फोटो।

पटना। बिहार के बिहटा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बालू लदे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपति को कुचल दिया। हादसे में पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रक चालक घटना के बाद फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। यह हादसा बिहटा के बिशनपुरा गांव के पास हुआ। मृतका की पहचान भोजपुर निवासी सुषमा देवी के रूप में हुई है, जो अपने पति जितेंद्र प्रसाद सिंह के साथ भोजपुर में पैक्स चुनाव में मतदान करने के लिए दानापुर से अपने गांव जा रही थीं।  हादसे के समय, ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर के बाद सुषमा देवी सड़क पर गिर गईं, और ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। जितेंद्र प्रसाद सिंह को भी गंभीर चोटें आईं, जिन्हें स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस दुर्घटना ने सुषमा देवी के परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। उनका पति, जो इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ है, फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। परिवार के लिए यह घटना न केवल भावनात्मक रूप से बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी एक बड़ी त्रासदी है। घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थाना के थानाध्यक्ष राजकुमार पांडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अस्पताल भेज दिया। ट्रक को जब्त कर लिया गया है, और पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में यातायात को बहाल कर दिया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी ट्रक चालक को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बालू लदे ट्रकों की तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के कारण ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं।  बिहार के कई क्षेत्रों में तेज रफ्तार से चलने वाले बालू लदे ट्रक अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।  ट्रक चालकों की लापरवाह ड्राइविंग और यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को सड़क सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता का अहसास कराया है। दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों में सड़क पर स्पीड ब्रेकर, कैमरे और चेतावनी संकेत लगाने चाहिए। भारी वाहनों के चालकों के लिए लाइसेंस और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं को सख्त किया जाना चाहिए। ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए भी एक चेतावनी है। सड़क पर लापरवाही और तेज रफ्तार ड्राइविंग का खामियाजा मासूम लोगों को भुगतना पड़ता है। बिहटा में हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा की अनदेखी और लापरवाही का एक और उदाहरण है। सुषमा देवी की मौत ने उनके परिवार को शोक में डाल दिया है और उनके पति की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए और दोषियों को सख्त सजा दे। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और कड़े नियमों के पालन के बिना ऐसी दुर्घटनाओं को रोकना मुश्किल है। यह घटना एक बार फिर हमें सतर्क रहने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की याद दिलाती है।

 

You may have missed