January 1, 2026

केजरीवाल के बहाने मुकेश सहनी का केंद्र पर हमला, कहा- उन्होंने साबित किया कि उन्हें कुर्सी से नहीं जनता से प्यार है

भागलपुर/पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। भागलपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान सहनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर यह साबित कर दिया है कि उन्हें सत्ता से नहीं, बल्कि जनता से प्रेम है। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने का काम करती है और उन्हें जेल में डालने की कोशिश करती है। मुकेश सहनी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी ठोस कारण के जेल में बंद कर रखा गया था। जब वे जेल से बाहर आए, तो उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर यह दिखा दिया कि उनकी प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि जनता की सेवा है। यह कदम उनके जनसेवा की भावना का प्रतीक है और इसे सराहा जाना चाहिए। सहनी के अनुसार, वर्तमान केंद्र सरकार को संविधान और लोकतंत्र की मर्यादाओं की परवाह नहीं है, और वह विपक्षी नेताओं के साथ अन्यायपूर्ण तरीके से पेश आती है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रंगरा का दौरा करते हुए सहनी ने वहां की स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और स्थानीय प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया। सहनी ने कहा कि रंगरा, जो सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित है, अब पूरी तरह बाढ़ के पानी से भरा हुआ है। यह विरोधाभास बताता है कि प्रशासनिक तंत्र में कहीं न कहीं गंभीर खामियां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ पीड़ित लोग लगभग एक महीने से रेलवे स्टेशन पर शरण लिए हुए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई ठोस मदद नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर राहत कार्य में तेजी लाने की जरूरत पर बल दिया। इसके अलावा, मुकेश सहनी ने बिहार में चल रहे जमीन सर्वे को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की जमीन सर्वे पॉलिसी सही दिशा में है, लेकिन इसमें यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि रैयतों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जमीन सर्वे के दौरान लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सभी प्रकार के जमीन से संबंधित विवादों का उचित समाधान किया जाना चाहिए। सहनी ने जमीन सर्वे के काम में लगे अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन पर घूस लेने और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों पर लगाम कसना जरूरी है ताकि जमीन सर्वे का काम पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो सके। मुकेश सहनी इस समय कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और वामपंथी दलों के महागठबंधन के साथ हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और उनके लिए राहत कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता को उजागर करना था। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग बहुत कठिनाईयों का सामना कर रहे हैं और उन्हें तुरंत राहत की जरूरत है। सहनी ने स्थानीय अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएं। मुकेश सहनी के इस बयान से स्पष्ट है कि वे केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि नरेंद्र मोदी सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए संविधान का दुरुपयोग कर रही है और जनता के मुद्दों पर ध्यान देने की बजाय राजनीतिक प्रतिशोध में लगी हुई है। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद सहनी ने उन्हें जनता के लिए त्याग करने वाला नेता बताया और कहा कि केजरीवाल ने सत्ता की बजाय जनता की सेवा को प्राथमिकता दी है, जो एक सच्चे नेता की पहचान है। सहनी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन को इन लोगों की समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और जल्द से जल्द राहत कार्यों को अंजाम देना चाहिए। उन्होंने बिहार में चल रहे जमीन सर्वे को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की और कहा कि इसे सही तरीके से किया जाना चाहिए ताकि किसी भी रैयत को नुकसान न हो और जमीन से जुड़े सभी विवादों का समाधान हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की। मुकेश सहनी की यह यात्रा बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाती है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार और बिहार प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

 

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