January 29, 2026

नरेंद्र सिंह-सुमित गिरफ्तारी वारंट- राजनीतिक विवाद का आगाज,लगने लगे पूर्वाग्रह के आरोप

पटना।(बन बिहारी)राज्य के कद्दावर राजनेता एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह एक तरफ जहां झारखंड से लेकर दिल्ली तक भाजपानीत गठबंधन वाली सरकार के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक रहे हैं।वही प्रदेश में उनके तथा उनके पूर्व विधायक पुत्र के खिलाफ मुंगेर में एक ठगी के आरोप में गिरफ्तार अभियुक्त के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर गिरफ्तारी का वारंट जारी हो गया। प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह एवं चकाई के पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह पर मुंगेर थाना कांड संख्या 348/19 में गिरफ्तार अभियुक्त कुणाल कुमार के बयान के आधार पर गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है।गिरफ्तारी की जिम्मेदारी मुंगेर की एसपी लिपि सिंह को सौंपी गई है।बाढ़ में एएसपी रहते हुए लिपि सिंह ने मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ ‘ऑपरेशन’ का नेतृत्व किया था।जिसे लेकर राजनीतिक पूर्वाग्रह के तहत की गई कार्रवाई के आरोप के साथ तमाम प्रकार के विवाद पैदा हुए थे। अब लिपि सिंह को पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह एवं उनके पूर्व विधायक पुत्र सुमित सिंह की गिरफ्तारी की कथित जिम्मेदारी सौंपी गई है।नरेंद्र सिंह एवं सुमित सिंह के गिरफ्तारी वारंट के खबर प्रकाश में आते ही राजनीतिक जगत में तरह-तरह की चर्चाएं आरंभ हो गई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड में पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह द्वारा भाजपा के जबरदस्त विरोध तथा बिहार सरकार के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में घूम कर की जा रही सभाओं के मद्देनजर सरकार पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर कार्रवाई करने जा रही है।हालांकि इस संदर्भ में मुंगेर पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार अभियुक्त कुणाल कुमार,जिसे मुंगेर के सांसद ललन सिंह के फर्जी पीए बन ठगी- वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस कोर्ट द्वारा निर्गत किए गए वारंट के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है। इसका किसी प्रकार के राजनीतिक पूर्वाग्रह से कोई संबंध नहीं है।इसके विपरीत पुलिस की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री तथा उनके पूर्व विधायक पुत्र के गिरफ्तारी के पूर्व ही उंगलियां उठना शुरू हो गई है। जानकार सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि गिरफ्तार अभियुक्त कुणाल कुमार ने पुलिस को दिए गए बयान में पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तथा चकाई के पूर्व विधायक सुमित कुमार का नाम किसी जमीन के मध्यस्थता को लेकर लिया था। अगर जानकार सूत्रों के हवाले से प्राप्त की गई ख़बर पर भरोसा किया जाए तो मुंगेर पुलिस के पास इस मामले में किसी ठोस साक्ष्य होने की उम्मीद बहुत कम है।सांसद ललन सिंह के फर्जी पीए बन ठगी का काम करने वाले कुणाल की गिरफ्तारी पिछले वर्षस लोकसभा के आम चुनाव के बाद अगस्त माह में हुई थी।उसके दिए गए बयान के लगभग 6 माह के उपरांत पुलिस द्वारा गिरफ्तारी वारंट को निर्गत करने की कार्रवाई संदेह के घेरे में आती है। जानकार सूत्रों का मानना है कि इस मामले में बगैर किसी पूछताछ के सीधा गिरफ्तारी वारंट निर्गत करना राजनीतिक विश्लेषकों को ‘हजम’ नहीं हो रहा है।यहां गौरतलब है की पिछले वर्ष आम चुनाव के बाद पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह खुलेआम झारखंड चुनाव से लेकर अब दिल्ली चुनाव में भी भाजपा एवं गठबंधन में शामिल अन्य दलों के खिलाफ खुलेआम राजनीतिक हमला कर रहे हैं।झारखंड में सरयू राय के निर्दलीय जीत के पीछे नरेंद्र सिंह की भूमिका का चर्चा रहा था। ऐसे में अचानक मुंगेर पुलिस द्वारा ठगी से जुड़े मामले में पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तथा उनके पूर्व विधायक पुत्र सुमित कुमार पर सीधा गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी प्रदेश में किसी नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकता है।

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