पटना में शारीरिक शिक्षा अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई घायल
पटना। राजधानी पटना में शुक्रवार को सचिवालय गेट के पास शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक संघ द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का उद्देश्य अपनी सेवा शर्तों और वेतनमान में सुधार की मांग करना था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई, जिससे पुलिस ने भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए बल प्रयोग और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी घायल हो गए और महिलाओं को भी पुलिसकर्मियों द्वारा धकेलते हुए देखा गया। बिहार शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि वेतनमान में सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा शिक्षक नियोजन नियमावली 2012 के अंतर्गत STET 2019 का आयोजन किया गया था, जिसमें शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की बहाली के लिए परीक्षा ली गई। लेकिन बहाली प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और वेतनमान भी उचित नहीं है। डॉ. पांडेय ने बताया कि नियोजन नियमावली 2012 के तहत शिक्षकों के वेतनमान में प्राथमिक शिक्षकों के लिए 5000 रुपए, माध्यमिक शिक्षकों के लिए 6000 रुपए और शारीरिक शिक्षा अनुदेशक का वेतन 4000 रुपए तय किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में उनका वेतन 8000 रुपए निर्धारित किया गया है, जो कि बहुत कम है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनाव बढ़ता गया। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया, जिससे कई अभ्यर्थी घायल हो गए। घायलों में कई महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्हें पुलिस द्वारा धकेलते हुए देखा गया। इस घटना ने प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक संघ के सदस्य अपनी मांगों को लेकर दृढ़ हैं और उनका कहना है कि वे तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी सेवा शर्तों और वेतनमान में सुधार के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। इस घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों के प्रति गंभीर हैं और सरकार को इस मुद्दे पर जल्द से जल्द ध्यान देना चाहिए।


