January 26, 2026

चुनाव हारने के बाद रोहिणी का बड़ा इशारा, लिखा- कार्रवाई भी होगी और जहरीले कांटों की कटाई भी होगी

पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य सारण लोकसभा सीट से 13,661 वोटों के अंतर से चुनाव हार गईं। बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी को 4,71,752 मत मिले, जबकि आरजेडी की रोहिणी आचार्य को 4,58,091 मत प्राप्त हुए। बीजेपी प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी से हार के बाद रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। चुनाव परिणाम के बाद रोहिणी ने एक्स पर लिखा, “जिसने जैसा किया है, वो वैसा भरेगा..जहरीले काँटों की कटाई भी होगी और छंटाई भी।” हालांकि, उन्होंने किसे निशाना बनाकर यह लिखा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। संभावना जताई जा रही है कि रोहिणी का इशारा निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर है जिन्होंने चुनावी समीकरण बिगाड़ दिए। निर्दलीय प्रत्याशी लक्ष्मण यादव को 22,043 वोट और शेख नौशाद को 16,103 वोट मिले, जबकि 11,417 वोट नोटा में गए। रोहिणी 13,661 वोट से चुनाव हार गईं, यदि निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में नहीं होते, तो उनकी जीत की संभावना अधिक थी। अपने एक अन्य पोस्ट में रोहिणी ने लिखा, “जीत और हार तो सोच पर निर्भर करती है, मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत। भीतरघात और विश्वासघात को परख और पहचान से परास्त किया जाता है। परख भी है, पहचान भी और परास्त करने की काबिलियत भी। प्रहार भी होगा, प्रतिकार भी। पहली बाधा से तनिक भी विचलित नहीं, अभी तो बहुत ऊँची उड़ान भरनी है। मेरा परिवार मेरी ताकत है, मेरा विश्वास भी। हौसलों के आड़े आने वाली हर रुकावट को पीछे छोड़ हर मैदान फ़तेह करूँगी। सारण लोकसभा सीट पर 2009 में लालू प्रसाद यादव ने खुद चुनाव लड़ा था और 50,000 वोटों से राजीव प्रताप रूडी को हराया था। फिर 2014 में लालू ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को इस सीट से उतारा, लेकिन रूडी ने जीत दर्ज की। 2019 में लालू के समधी चंद्रिका राय भी रूडी के खिलाफ खड़े हुए, लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। लालू परिवार की हार का बदला लेने के लिए रोहिणी आचार्य ने 2024 में सारण से चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्होंने जीत के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन सफलता नहीं मिली। एक बार फिर बीजेपी के प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी ने सारण सीट पर जीत दर्ज की।

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