February 13, 2026

भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को भाजपा ने पार्टी से निकाला, काराकाट से निर्दलीय लड़ने पर किया निष्कासित

पटना। बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे भोजपुरी स्टार पवन सिंह को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काराकाट में एनडीए प्रत्याशी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के समर्थन में जनसभा से पहले बीजेपी ने बड़ा ऐक्शन लिया है। बिहार के बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। बिहार बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अरविंद शर्मा की ओर से जारी निष्कासन आदेश में लिखा गया है, ‘पवन सिंह लोकसभा चुनाव में एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। उनका यह कार्य दल विरोधी है। उन्होंने यह कार्य पार्टी अनुशासन के विरुद्ध किया है, जिससे पार्टी की छवि धुमिल हुई है। उन्हें दल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार भाजपा से निष्कासित किया जाता है। बीजेपी से बागी होकर पवन सिंह ने काराकाट से निर्दलीय नामांकन किया, जिससे एनडीए कैंडिडेट उपेंद्र कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में पवन सिंह को बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। मगर उन्होंने वहां से चुनाव न लड़ने की बात कहकर टिकट लौटा दिया। मूलरूप से भोजपुर जिले के रहने वाले पवन सिंह ने दक्षिण बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय पर्चा भर दिया। काराकाट में सातवें चरण में 1 जून को मतदान होना है। पवन के आने से काराकाट में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 25 मई को काराकाट में एनडीए की चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह आरएलएम कैंडिडेट उपेंद्र कुशवाहा के समर्थन में वोट मांगते हुए नजर आएंगे। पवन सिंह का नामांकन मंजूर होने के बाद पीएम मोदी के दौरे से पहले उनको बीजेपी से निकाले जाने की अटकलें पहले से लगाई जा रही थीं। दक्षिण बिहार की काराकाट लोकसभा सीट पर एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ महागठबंधन के खेमे से सीपीआई माले के टिकट पर राजाराम कुशवाहा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, पवन सिंह के निर्दलीय पर्चा भरने से यहां जंग त्रिकोणीय हो गई है। भोजपुरी स्टार की रैलियों में उमड़ रही भीड़ से एनडीए नेताओं की चिंता बढ़ी हुई है। कुशवाहा को अपने वोटबैंक खिसकने का डर ज्यादा सता रहा है। हालांकि, पवन सिंह चुनावी रैलियों की भीड़ को वोटों में कितना तब्दील कर पाते हैं, यह तो 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए जारी प्रत्याशियों की अपनी पहली ही सूची में पवन सिंह को पश्चिम बंगाल के आसनसोल से टिकट दिया था। भोजपुरी स्टार ने टिकट मिलने पर बीजेपी और शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया था और आसनसोल से अपना खून-पसीने और रोजी-रोटी का रिश्ता बताया था। लेकिन एक दिन बाद ही उन्होंने बंगाल से चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई। बीजेपी ने फिर उनकी जगह एसएस अहलूवालिया को आसनसोल से अपना प्रत्याशी बनाया। बता दें कि टीएमसी ने इस सीट से अभिनेता शत्रुघन सिन्हा को उतारा है। पवन सिंह ने कुछ दिन बाद ऐलान किया कि वह काराकाट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘माता गुरुतरा भूमेरू। अर्थात माता इस भूमि से कहीं अधिक भारी होती हैं और मैंने अपनी मां से वादा किया था की मैं इस बार चुनाव लड़ूंगा। मैंने निश्चय किया है कि मैं 2024 का लोकसभा चुनाव काराकाट, बिहार से लड़ूंगा। जय माता दी।’ काराकाट से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के अधिकृत उम्मीदवार हैं। पवन सिंह के चुनाव लड़ने से काराकाट सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय बन गया है। महागठबंधन की ओर से सीपीआईएमएल के राजाराम सिंह कुशवाहा यहां से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर सातवें और अंतिम चरण में 1 जून को मतदान होना है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को घोषित होंगे।

You may have missed