February 14, 2026

पटना में 74 रेस्टोरेंट और होटल खतरनाक श्रेणी में; अग्निशमन विभाग ने कराया फायर ऑडिट, सुधार न करने पर होंगे सील

पटना। फायर ऑडिट में पटना के 74 होटल-रेस्टोरेंट संवदेनशील तथा 40 खतरनाक श्रेणी में पाए गए हैं। अग्निशमन विभाग ने पटना के 560 होटल व रेस्टोरेंट का फायर ऑडिट कराया, जिसमें यह आंकड़ा सामने आया। इन सभी को अधिकतम एक महीने की मोहलत दी गई है ताकि ये सभी आधारभूत संरचना समेत अन्य स्तर पर मानक के अनुरूप जरूरी बदलाव कर सकें। हाल ही में पटना जंक्शन गोलंबर के पास मौजूद एक होटल में हुए अग्निकांड में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद अग्निशमन विभाग होटल, कोचिंग संस्थान, अस्पताल, मॉल समेत अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का अलग-अलग फायर ऑडिट कर रहा है। निर्धारित अवधि के बाद इन होटलों की फिर से जांच की जाएगी। दोबारा गड़बड़ी पाए जाने पर ऐसे होटलों को सील किया जाएगा या इन पर जुर्माना लगाया जाएगा। मानक का पालन नहीं करने वाले होटल या व्यावसायिक भवनों पर 16 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जुर्माना किया जा सकता है। इन मानकों का करना होगा पालन अग्नि सुरक्षा को लेकर होटलों को कुछ प्रमुख मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। इसमें सभी बड़े या मध्यम आकार के होटलों को फायर हाईड्रेंड लगाना अनिवार्य होगा। पैसेज और मुख्य स्थानों पर स्प्रिंकल, ऑटोमेटिक फायर अलार्म, छत पर बड़ी पानी की टंकी के अलावा होटल के अंदर सभी स्थानों पर साइनेज या रास्ता बताने वाले बोर्ड समेत अन्य जरूरी चीजें लगानी होगी। पोर्टेबल फायर फाइटिंग उपकरण भी लगाने के लिए कहा गया है। सबसे महत्वपूर्ण ज्वलनशील पदार्थों को रखने के लिए एक एलपीजी बैंक बनाना है। इस स्थान को थोड़ा गड्ढा करके बनाया जाता है, जहां से एलपीजी गैस की टंकी को रखकर यहीं से सप्लाई की जाती है। सभी होटल संचालकों को आग से बचाव के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। मॉक ड्रिल भी कराए जा रहे हैं। शहर के सभी छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान, निजी शिक्षण या ट्रेनिंग संस्थानों का भी फायर ऑडिट कराया जाएगा। इसे भी जल्द ही अमलीजामा पहनाने की जुगत में अग्निशमन विभाग लगा हुआ है। इसका समुचित ऑडिट कराने के बाद इनमें भी मानकों का पालन कराया जाएगा। कुछ महीने पहले विभाग के स्तर से इनका ऑडिट कराया गया था। उस समय अधिकांश संस्थानों में सुरक्षा से जुड़े मानक नहीं पाए गए थे। अब फिर से इनकी जांच कर आगे की कार्रवाई होगी। अग्निशमन एवं होमगार्ड विभाग की डीजी शोभा ओहटकर ने कहा कि होटलों का फायर ऑडिट कराया गया है। मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने वालों होटल संचालकों को एक महीने में सुधार करने की मोहलत दी गई है। सुधार नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। होटल को सील तक किया जा सकता है।

You may have missed