जनसुनवाई कार्यक्रम के प्रति आम लोगों के मन में विश्वास और भरोसा का भाव हुआ उत्पन्न : श्रवण कुमार
पटना। बुधवार को जदयू मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवन कुमार एवं लघु व जल संसाधन मंत्री जयंत राज ने सभी जिलों से पहुंचे आम लोगों की समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वही इस कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर पार्टी मुख्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। वही इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश भर से आए लोगों की समस्याओं को सुनकर उसके नियम संगत निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए जाते हैं। आगे उन्होंने कहा की जनसुनवाई कार्यक्रम के प्रति आम लोगों के मन में विश्वास और भरोसा का भाव उत्पन्न हुआ है। क्योंकि, यहां से कई लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया। वही पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल की जवाब में श्रवण कुमार ने कहा कि अपराधिक घटनाओं में संलिप्त असामाजिक लोगों के साथ सरकार पूरी सख़्ती से निपट रही है। अपराध करने के बाद कोई अपराधी इस मुगालते में न रहे है कि वह कानून के शिकंजे से बचकर निकल जाएगा। भाजपा द्वारा खड़े किए गए सवाल पर माननीय मंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार के संबंध में चिंता करने के बजाए भाजपा को यह बताना चाहिए की मणिपुर, हरियाणा व यूपी में जो मौजूदा हालात बने हुए हैं उसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं? गृह मंत्री अमित शाह की द्वारा राजद व जदयू गठबंधन के संबंध में दिए गए बयान पर माननीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी देशवासियों से प्रति वर्ष 2 करोड़ सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, सभी ग़रीब के खाते में 15-15 लाख रुपए भेजे जाएंगे इसका भी उन्होंने भरोसा दिया था मगर मोदी सरकार बनने के बाद जब मीडिया ने इस बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने जुमला करार दे दिया। देश की जनता को दिग्भ्रमित करने के लिए जो लोग जुमले का इस्तेमाल करते हैं उन्हें 2024 में देश की जनता ही सबक सिखाने का काम करेगी। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान बजरंगबली के नाम का इस्तेमाल करें जनता को भटकाने का प्रयास किया था मगर बजरंगबली की भी इस बात का एहसास हो गया कि भाजपा के लोग हमारे नकली भक्त है इसलिए उन्होंने कर्नाटक चुनाव में पूरी तरह से भाजपा का सफाया कर दिया।

इस दौरान लघु व जल संसाधन मंत्री जयंत राज ने कहा कि जब भी समान विचारधारा के राजनीतिक दल एक साथ आते हैं तब तब भाजपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ता है, इसका एक उदाहरण 2015 बिहार विधानसभा का चुनाव है जिसमें भाजपा अपने तमाम हथकंडों को अपनाने के बावजूद भी बुरी तरह से हार गई थी। वही इस बार फिर समान विचारधारा के सभी दल एक मंच पर एकजुट हो चुके हैं, इसलिए भाजपा में बौखलाहट और घबराहट की स्थिति है। जयंत राज ने 2014 चुनाव से पहले भाजपा के लोग राहुल गांधी एवं उनके परिवार के संबंध में तरह-तरह के दावे किया करते थे और कहते थे कि मोदी जी की सरकार आने के बाद इनके भ्रष्टाचार को उजागर कर सभी को जेल भेज दिया जाएगा मगर इन 9 वर्षों के शासनकाल में कुछ भी नहीं हुआ इससे यह साबित होता है कि भाजपा सिर्फ़ और सिर्फ़ झूठ फैलाने का काम करती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घमंडी कहे जाने की जवाब में माननीय मंत्री ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री जी घमंडी रहते तो सम्राट चौधरी को बिहार सरकार में मंत्री नहीं बनाते। जब से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने की मुहिम सक्रिय हुए तबसे भाजपा के नेता अनाप शनाप बयान दे रहे हैं।

