जनहित और मणिपुर मसले पर पीएम को सदन में देना होगा जवाब, अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार की कमियों को उजागर करेगा विपक्ष : जदयू
पटना। जदयू प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक राहुल शर्मा और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता ने संसद में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को सही ठहराया है और कहा है कि इस अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी सरकार की विफलताओं को लेकर जवाब देना होगा। दोनों प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी सरकार मणिपुर में जारी हिंसा को आज तक रोक नहीं पाई वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मसले पर अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। पार्टी प्रवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले की सरकारों में उस विभाग के मंत्री या फिर सांसद रेल परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाने का काम करते थे लेकिन इस सरकार में अपना चेहरा चमकने के मकसद से प्रधानमंत्री हर ट्रेन के उद्घाटन के दौरान हरी झंडी दिखाने का काम करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में हर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए उनके पास समय है लेकिन देश का महत्वपूर्ण पूर्वात्तर का एक राज्य महीनों से हिंसा की आग में जल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री को इस मसले पर बोलने के लिए समय नहीं है। मणिपुर में आज भी दो समुदायों के बीच हिंसा जारी है और इस हिंसा में अभी तक डेढ़ सौ से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं साथ ही साठ हजार से ज्यादा लोग अपना घर बार छोड़ कैंपों में रह रहे हैं लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर के मसले पर बोलने का समय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मणिपुर में विकास का झूठा दावा करते हैं और डबल इंजन की सरकार का नारा देकर लोगों को बेवकूफ बनाते हैं। पार्टी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि मणिपुर में भी भाजपा की सरकार है लेकिन इसके बावजूद बीजेपी राज्य में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में विफल साबित हुई। देश आज विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री को इन समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी से लोग त्रस्त हैं लेकिन भाजपा सरकार को देश के लोगों और बेरोजगार युवाओं के भविष्य से कोई मतलब नहीं है।


