नीतीश केवल सत्ता के लोभी है, इस कारण अब महागठबंधन में खटपट बढ़ रही : जीतनराम मांझी
पटना। बेंगलुरु में विपक्षी दलों की दूसरी बैठक के बाद जॉइंट कॉन्फ्रेंस में सीएम नीतीश, लालू और तेजस्वी के शामिल नहीं होने के लेकर सियासी गलियारों में चर्चा बाजार गर्म है। इस बीच हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि अब राजद और जदयू के बीच खटपट ज्यादा बढ़ गई है। मनमुटाव पहले से था, लेकिन अब लगाता है ज्यादा बढ़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि नीतीश ने उन्हें कच्चा चारा समझकर सीएम बनाया था। उन्होंने सोचा था कि वो जैसा कहेंगे वैसा होगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा था कि अच्छा हुआ था कि हमने मांझी जी को पहले ही पार्टी से हटा दिया था। नहीं तो सभी बैठक की बात वह उधर बीजेपी को बताते। इसको लेकर जीतन राम मांझी ने कहा कि वह अब तर्क विहीन हो गए हैं। उनकी समझदारी बिल्कुल खत्म हो गई है। अगर हम उनके पार्टी में चले गए होते तो इधर-उधर की बात तो और भी ज्यादा हम करते। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। उन्होंने हमें मुख्यमंत्री वैसे समय में बनाया जिस समय उन्हें इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया जा रहा था।
नीतीश कुमार बस सत्ता के लोभी
सीएम नीतीश कुमार ने कल कहा था कि एनडीए की जो 38 दलों की बैठक हुई है। उसकी कोई पहचान नहीं है। उसको लेकर भी जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार बस सत्ता के लोभी हैं। वह सत्ता की बात करना चाहते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी सत्ता की बात नहीं करते हैं। इनकी सोच है कि हम सब लोग मिलाकर आगे बढ़ें। हम जब यहां सरकार के साथ थे और किसी भी समस्या के लिए सीएम नीतीश कुमार से मिलना चाहते थे तो वह मिलते भी नहीं थे। और यह आदेश दिया जाता था कि विजय चौधरी से मिल लीजिए। दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री होने के बाद भी नरेंद्र मोदी लोगों से डायरेक्ट मिलते हैं। जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि देखिए किसी धर्म, देश के नाम पर पार्टी का नामकरण नहीं होना चाहिए। इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।


