बेंगलुरु में दो दिवसीय विपक्ष की महाबैठक आज से; कई राज्यों के मुख्यमंत्री समेत कई विपक्षी दिग्गज होंगे शामिल
- दोपहर 2:30 पटना से रवाना होंगे लालू-नीतीश, तेजस्वी समेत ललन सिंह भी रहेगें मौजूद
- नीतीश को बनाया जा सकता है संयोजक
- विजय चौधरी बोले- बीजेपी को छटपटाने की जरुरत नहीं, नेतृत्व कौन करेगा इसका भी फैसला हो जाएगा
- बैठक के पहले दिन एनसीपी के शरद पवार नहीं होंगे शामिल
बेंगलुरु। कांग्रेस के आह्वान पर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आज से दो दिवसीय विपक्षी दलों की बैठक विपक्षी एकता के नाम से बुलाई गई है। इस बैठक में 24 दलों के शामिल होने की संभावना है। इस बीच चर्चा है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार आज इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। वहीं, आम आदमी पार्टी जो कांग्रेस पर दिल्ली अध्यादेश के मुद्दे पर दबाव बना रही थी अब इस बैठक में शामिल होने का ऐलान किया है। इससे पहले कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संसद के मानसून सत्र में दिल्ली अध्यादेश पर केंद्र में बीजेपी का विरोध करने की घोषणा की। इसके बाद आप की ओर से इस बैठक में शामिल होने के ऐलान किया गया। इससे पहले पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी ने भी इस बैठक में शामिल होने की घोषणा की। हालांकि, वह आज विपक्षी दलों के डिनर में शामिल नहीं होंगी। बताया जाता है कि हाल ही में उनके घुटने का ऑपरेशन किया गया। इसके चलते उन्हें डॉक्टरों की ओर से कुछ हिदायत दी गई है। इस बैठक में 8 नए क्षेत्रीय दलों के शामिल होने की संभावना है। इससे पहले 23 जून को विपक्षी दलों की बैठक पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर आयोजित की गई थी। बताया जाता है कि इस बैठक में सभी दलों के बीच हुई बातचीत में कुछ सार्थक नतीजा सामने नहीं आया था। इसके बाद कांग्रेस की ओर से दूसरी बैठक का आह्वान किया गया है। अब सबकी निगाहें आज की बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक के लिए एजेंडा तय है ताकि बीजेपी का आगामी लोकसभा चुनाव में डटकर मुकाबला किया जा सके। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए इस बैठक को अहम माना जा रहा है।
दोपहर 2:30 पटना से रवाना होंगे लालू-नीतीश, तेजस्वी समेत अन्य होंगे साथ में
महाबैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह व जल संसाधन मंत्री संजय झा एक साथ सोमवार को दोपहर बाद ढाई बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। पटना में 23 जून को विपक्षी एकजुटता की पहली महाबैठक में यह तय हुआ था कि अगली बैठक शिमला में होगी पर मौसम को ध्यान में रख यह तय हुआ कि इसका आयोजन बेंगलुरु में होगा। बेंगलुरु में होने वाली बैठक के संबंध में यह बताया गया कि सोमवार को विपक्ष के सभी नेता डिनर पर मिलेंगे। इस क्रम में अनौपचारिक चर्चा के बाद मंगलवार को सुबह 11 बजे से विपक्षी एकजुटता की दूसरी महाबैठक विधिवत आरंभ होगी।
नीतीश को बनाया जा सकता है संयोजक
बेंगलुरु में हो रही विपक्षी एकजुटता की महाबैठक के एजेंडा में कौन कहां कितनी सीटों पर लड़ेगा यह चर्चा तो होगी ही साथ ही साथ इस काम के लिए संयोजक का नाम भी तय होगा। राजनीतिक गलियारे में अक्सर इस बात की चर्चा होती है कि नीतीश कुमार ने अपने स्तर पर विपक्षी एकजुटता की पहल की है इसलिए उन्हें संयोजक बनाया जा सकता है। पिछली बैठक में ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह कहा था कि अलग-अलग राज्यों के लिए अलग नीति पर काम करना होगा। यह स्वर था कि सीटों के मामले में क्षेत्रीय दलों को महत्व दिया जाएगा। ऐसी संभावना है।
विजय चौधरी बोले- बीजेपी को छटपटाने की जरुरत नहीं, नेतृत्व कौन करेगा इसका भी फैसला हो जाएगा
विपक्षी एकता की मुहिम को शुरू करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी मंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि जिस तरह साथ चुनाव लड़ने पर सहमति बनी उसी तरह से नेतृत्व कौन करेगा इसका भी फैसला आसानी से हो जाएगा, बीजेपी को छटपटाने की जरुरत नहीं है। मंत्री विजय चौधरी ने दावा किया है कि पटना में हुई विपक्षी दल की बैठक में जितनी विपक्षी पार्टियां शामिल हुई थीं, उससे अधिक दल बैंगलुरु में होने वाली बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। विपक्षी दलों के एकजुट होने से पूरे देश में बीजेपी के खिलाफ माहौल बना है। पटना की बैठक में जितनी पार्टियां थीं उससे अधिक पार्टियां आ रही हैं। विपक्षी एकजुटता की संपन्नता की कहानी यह बता रही है। जब विपक्ष की लगभग सभी पार्टियां यह कह चुकी हैं कि बीजेपी को केंद्र की सत्ता से हटाने के लिए साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। रही बात नेतृत्व की तो वह भी फैसला आसानी से हो जाएगा। विपक्ष का नेता कौन होगा इसको लेकर आखिर बीजेपी के लोगों को छटपटाहट क्यों हो रही है वहीं यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर विजय चौधरी ने कहा है कि बिहार सरकार और महागठबंधन में शामिल लगभग सभी दलों का यह मानना है कि समान नागरिक संहिता लागू करने का अभी सही समय नहीं है। यूसीसी के लिए देश में अभी उपयुक्त माहौल नहीं हैं। विजय कुमार चौधरी ने कहा कि केंद्रीय विधि आयोग ने यूसीसी को लागू नहीं करने की जरूरत बतायी थी लेकिन अब जबरदस्ती इसे थोपने का प्रयास हो रहा है। बीजेपी धार्मिक ध्रुवीकरण चाहती है लेकिन जेडीयू इसके पक्ष में नहीं है।


