भ्रष्टाचार व अपराध के आकंठ में डूबी नीतीश सरकार, विजय सिन्हा बोले- थोड़ी भी नैतिकता बची है तो लाठीचार्ज की करे न्यायिक जांच
पटना। प्रदेश में बीते दिनों विधानसभा मार्च के दौरान भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद से ही बिहार की राजनीति गरमाई हुई है। आरोप-प्रत्यरोप का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में सदन से सड़क तक अघोषित आपातकाल है। पुलिस ने उन पर एवं कई नेताओं पर लाठी से हमला किया। लेकिन वे सभी बच गये। इसी तरह के हमले में बीजेपी के जहानाबाद जिला के महासचिव विजय कुमार सिंह की मृत्यु हो गई। आगे सिन्हा ने कहा कि भाजपा के नेताओं पर पुलिस द्वारा सैकड़ों कैमरा फोकस किए गए थे। परंतु शांतिपूर्ण जुलूस रहने के कारण इनको नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं मिल सका। सत्ता के दबाव में जिला प्रशासन एवं पुलिस ने पोस्टमार्टम से पहले दिवंगत नेता विजय सिंह के बारे में भ्रामक बयान दे दिया। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के इशारे पर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा दायर किया गया है और डराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकारी अधिकारियों ने मुकदमा दायर करने से पहले झूठी कहानी बनाई और केस कर दिया। उन्होंने आगे कहा की जिला प्रशासन के डीएम/एसपी तक के पदाधिकारियों के मोबाइल फोन की जांच की जाए तो स्पष्ट उजागर होगा कि किस प्रकार सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों द्वारा उन्हें मिनट मिनट पर निर्देश दिया जा रहा था। सिन्हा ने कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य लाठी गोली के बदौलत शासन करना रह गया है। पिछले 6 माह के अंदर जितने भी शांतिपूर्ण जुलूस निकाले गये है सब पर लाठियां बरसाई गई है। हाल में किसान सलाहकार के जुलूस पर भी पुलिस द्वारा प्रहार किया गया था। सिन्हा ने कहा कि भ्रष्टाचार एवं अपराध में आकंठ डूबी सरकार को अब नैतिकता से कोई वास्ता नहीं है। यदि इसमें थोड़ी भी नैतिकता बची है तो पुलिस लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराई जाए और विषेषाधिकार के नोटिस पर भी कार्रवाई हो।


