January 28, 2026

राजगीर में मुख्यमंत्री ने मलमास मेले की तैयारियों का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश

  • राजगीर में 18 जुलाई से शुरू हो रहा है विश्व प्रसिद्ध मलमास मेला, तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन

नालंदा/पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर पहुंचे। जहां उन्होंने 18 जुलाई से शुरू होने वाले मलमास मेला की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे पहले राजगीर कुंड पहुंचे। जहां उन्होंने ब्रह्मकुंड सरस्वती नदी का निरीक्षण किया एवं कई दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ब्रह्मकुंड के चारों तरफ घूम घूम कर पदाधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मलमास मेला को लेकर स्वच्छता अभियान एवं मलमास मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेय गंगाजल का उद्घाटन किया। वही मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे राजगीर के सभी इलाकों के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मलमास मेला की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। इस दौरान मंत्री विजय चौधरी, सांसद कौशलेंद्र कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि, नालंदा डीएम, गया डीएम, एसपी नालंदा मौजूद रहे।
नीतीश के लिए बेहद खास रहा है राजगीर, प्रवास के बाद लेते है बड़े फैसले
जब से नीतीश कुमार बिहार की सत्ता संभाल रहे हैं, तब से राजनीतिक ऊहापोह की स्थिति में वे राजगीर चले जाते हैं। अक्सर वे यहीं से बड़े फैसले लेते हैं। अभी भी बिहार का जो राजनीतिक घटनाक्रम है वो इस दौरे को हवा दे रहा है। बीजेपी नेता लगातार सरकार टूटने और जदयू में भगदड़ मचने के दावे कर रहे हैं। कोई तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने के दावे कर रहा है। चिराग जदयू के कई विधायकों के संपर्क में होने का दावा कर चुके हैं। इधर, शिक्षा मंत्री को लेकर भी महागठबंधन के नेताओं में खींचतान चल रही है। नीतीश कुमार दो बार राजगीर प्रवास के बाद गठबंधन के बदलाव का निर्णय ले चुके हैं। सबसे पहले दिसंबर 2013 में राजगीर प्रवास से लौटने के बाद उन्होंने अपनी कैबिनेट से बीजेपी के सभी मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था। तब लगभग 15 साल बाद उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ा था। इसके बाद आरजेडी ने उनकी सरकार को बाहर से समर्थन दिया था। बाद में 2015 उन्होंने महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। 2017 में भी आरजेडी को छोड़ने से पहले नीतीश कुमार राजगीर प्रवास पर गए थे। यहीं से एक फैसला लेकर एक बार फिर उन्होंने सबको चौंका दिया था। तब नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़ने का निर्णय लिया था। वे एक बार फिर से भाजपा के साथ हो लिए थे।
राजगीर में 18 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगा मलमास मेला, श्रद्धालुओं के लिए रहेगी खास व्यवस्था
राजकीय राजगीर मलमास मेला का 18 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगा। जिला प्रशासन की ओर से भी लगातार मलमास मेला की तैयारी को लेकर निरीक्षण किया जा रहा है। डीएम शशांक शुभंकर डे-टु-डे कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में टेंट सिटी बनाई जा रही है। इसके अलावा राजगीर स्थित सरस्वती नदी और वैतरणी नदी की सफाई कर घाटों का जीर्णोद्धार कराया गया है। मान्यता है कि 1 महीने तक 33 कोटि देवी देवता राजगीर में ही प्रवास करते हैं। इसे लेकर देश के कोने-कोने से साधु संत शाही स्नान और लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा करने के लिए राजगीर पहुंचते हैं। साधु संतों के रहने के लिए भी अलग से व्यवस्था की जा रही है। राजगीर आने वाले श्रद्धालुओं को पहली बार पीने के लिए शुद्ध गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जगह-जगह पर नल की व्यवस्था की गई है।

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