प्रदेश में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाले पोस्ट डालने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, ईओयू का निर्देश जारी
पटना। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले सावधान हो जाएं। दरअसल, बिहार पुलिस ने राज्य में जारी त्योहारी मौसम में शांति में खलल डालने वाली आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले लोगों की पहचान और उनका पता लगाने के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी तेज कर दी है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) नैय्यर हसनैन खान ने शुक्रवार को बताया कि ईओयू ने पहले ही 44 साइबर पुलिस थानों और जिला पुलिस को सोशल मीडिया मंचों पर उत्तेजक, आपत्तिजनक और नफरत भरे संदेशों की निगरानी करने, ऐसे गैरकानूनी कृत्यों में शामिल व्यक्तियों या संगठनों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए सतर्क कर दिया है। ईओयू की सोशल मीडिया निगरानी इकाई के प्रभारी अधिकारी ने कहा, ह्लपटना स्थित ईओयू मुख्यालय में तैनात अधिकारियों की एक समर्पित टीम कृत्रिम मेधा सॉफ्टवेयर पर आधारित इस पूरे अभियान की निगरानी कर रही है। हमने पिछले महीने 50 से अधिक उत्तेजक, घृणास्पद, संवेदनशील और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और उन्हें या तो ब्लॉक कर दिया या फिर हटा दिया।
विभिन्न मंचों की हो रही डिजिटल निगरानी
ईओयू ने आपत्तिजनक सामग्री के संबंध में हाल-फिलहाल में औरंगाबाद, सिवान, सारण, नालंदा, समस्तीपुर, कटिहार और पूर्णिया जिले में 15 प्राथमिकी भी दर्ज कराईं। उन्होंने कहा कि गलत सूचनाओं और अफवाहों का प्रसार करने वाले विभिन्न मंचों की डिजिटल निगरानी की जा रही है और आपत्तिजनक पोस्ट को हटाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ईओयू के एडीजी ने कहा, हमने अपनी जांच के दौरान यह भी पाया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई कुछ सामग्री को नए सिरे से फिर से पोस्ट किया गया था। हाल ही में पुलिस ने यूट्यूबर मनीष कश्यप को अपने सोशल मीडिया पेज पर कथित रूप से फर्जी जानकारी और वीडियो पोस्ट करने तथा तमिलनाडु में बिहार के श्रमिकों पर हमलों के बारे में अफवाहें फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।


