January 28, 2026

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा, सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध : उद्योग मंत्री

  • उद्योग मंत्री बोले- लोगों को बिहार के उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा खरीदना चाहिए, जिससे यहां के उद्यमी अपने व्यापार से ज्यादा आय अर्जित कर सकें

पटना। बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए राज्य सरकार रेशम, खादी और कुटीर उद्योग को बढ़ावा दे रही है। महासेठ ने शुक्रवार को बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सहयोग से यहां आयोजित खादी मेला का उद्घाटन करने के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भागलपुर के सिल्क उद्योग की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है और इसे बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहायता दी जा रही है। यहां के लोगों को बिहार के उत्पादों (सामानों) को ज्यादा से ज्यादा खरीदना चाहिए, जिससे बिहार की अपनी एक अलग पहचान हो और यहां के उद्यमी अपने व्यापार से ज्यादा आय अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश में सिल्क खादी और ग्रामोद्योग से बड़ी संख्या में लोग रोजगार पाते हैं। खादी लोगों के स्वाभिमान का प्रतीक है। हर घरों में कुटीर उद्योग की स्थापना हुई है। जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में मजबूती आई है और लोग स्वावलंबी हुए हैं। वहीं, एक एक युवा को रोजगार देने के लिए हमारी सरकार पूरा प्रयास कर रही है। महासेठ ने कहा कि प्रदेश में चल रहे मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत करीब 29 हजार उद्यमियों को कुल 2006 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि मुहैय्या कराई गई है। जिसके बाबत दस-दस लाख रुपए की आर्थिक मदद से युवा वर्ग अपने लिए रोजगार की व्यवस्था करने के साथ साथ अन्य लोगों को भी अपने रोजगार से जोड़ने का काम कर रहे हैं। विगत आठ महीने में इस योजना के अंर्तगत बड़ी संख्या में विभिन्न तरह के नये उद्योग की स्थापना हुई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है कि बिहार के युवा वर्ग अपने प्रदेश में ही काम करें और यहां पर उधोग लगाएं। ताकि उनके क्षेत्र और समाज के लोगों को भी रोजगार मिल सके। उधोग विभाग की सभी योजनाओं का लक्ष्य है कि प्रदेश में अधिक से अधिक नये उधोग स्थापित हो।

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