स्कूल के शिक्षकों को जातीय जनगणना में लगाकर बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे बिहार के मुख्यमंत्री : विजय सिन्हा
- जाति जनगणना के दूसरे चरण में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर नेता प्रतिपक्ष का हमला, बोले- आदेश से बच्चों का भविष्य हो रहा बर्बाद
पटना। बिहार में जातीय गणना के दूसरे चरण का कार्य शुरू हो गया है। जिसको लेकर राज्य सरकार ने सरकारी शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में शिक्षकों से काम लिए जाने का फैसला विपक्ष को नागवार गुजरा है। विस के नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली है। साथ ही बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रही है। विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। सभी सरकारी शिक्षक को जातीय गणना में लगा दिया गया है और स्कूलों में क्लास सीनियर छात्रों के भरोसे छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि दो साल कोरोना के कारण बर्बाद हो गया। इस साल उम्मीद थी कि बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर पाएंगे, लेकिन उसे भी बर्बाद कर दिया गया। क्यो बिहार के लोगों से बदला ले रहे हैं मुख्यमंत्री जी। बंद कीजिए यह व्यवस्था। बिहार की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की जगह उसे जातीय गणना में बर्बाद कर रहे हैं। आपके बड़े भाई पहले से ही चरवाहा विद्यालय से बिहार के शैक्षणिक वातावरण को पहले ही बर्बाद कर चुके हैं। यहां पहले से ही दारू, बालू माफिया ने लोगों को बर्बाद कर दिया है। अब बचे खुचे शिक्षा व्यवस्था को भी जातीय गणना में बर्बाद कर रहे हैं। विजय कुमार सिन्हा ने कहा यहां स्कूलों में पढ़ाई करने का यही समय है। फिर गर्मी की छुट्टी और उसके बाद आधा बिहार बाढ़ में घिर जाएगा। बच्चों के पास पढ़ने का समय ही नहीं मिलेगा। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जातीय गणना में शिक्षकों को लगाने की जगह सरकारी विभागों के कर्मियों को लगाया जाए।


