February 14, 2026

परिवहन विभाग ने 2 महीने में वसूला 90 करोड़ जुर्माना, नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं, 45 फ़ीसदी बढ़ें चालान

पटना। बिहार में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान चालान जारी करने की संख्या में पिछले आठ महीनों के औसत की तुलना में 45 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य में डिजिटल निगरानी प्रणाली और आधुनिक उपकरणों के प्रभावी उपयोग का परिणाम मानी जा रही है। राज्य के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच बिहार में औसतन प्रति माह करीब 43 हजार चालान जारी किए जा रहे थे। हालांकि, डिजिटल तकनीक और हाथ में उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के व्यापक उपयोग के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 62 हजार चालान प्रति माह हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में ही राज्य भर में 1 लाख 48 हजार से अधिक चालान जारी किए गए हैं, जिनकी कुल जुर्माना राशि 90 करोड़ रुपये से अधिक है। परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से अब तक पूरे बिहार में कुल 4 लाख 97 हजार 131 चालान जारी किए जा चुके हैं। इन चालानों के माध्यम से कुल 301 करोड़ 28 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से अब तक 115 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि सरकारी खजाने में जमा भी हो चुकी है। विभाग का मानना है कि डिजिटल प्रणाली के कारण जुर्माना वसूली की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुई है, जिससे राजस्व संग्रह में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चालान जारी करने और जुर्माना वसूली के मामले में कैमूर जिले का भभुआ क्षेत्र पूरे राज्य में पहले स्थान पर रहा है। यहां कुल 30 हजार 833 चालान जारी किए गए, जिनके माध्यम से 12 करोड़ 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इनमें से 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही सरकारी खजाने में जमा हो चुकी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिला स्तर पर भी यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जा रही है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के 138 चिन्हित स्थानों पर समेकित यातायात प्रबंधन प्रणाली के तहत अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पूरी तरह स्वचालित होंगे और यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान कर तुरंत इलेक्ट्रॉनिक चालान जारी करेंगे। इन कैमरों की मदद से तेज गति से वाहन चलाना, लाल बत्ती पार करना, बिना हेलमेट वाहन चलाना और एक मोटरसाइकिल पर तीन लोगों का सवार होना जैसे उल्लंघनों की स्वतः पहचान की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इन आधुनिक कैमरों के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी, जिससे नियमों के प्रति लोगों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथ में उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से चालान जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो गई है। इससे चालान प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और भ्रष्टाचार की संभावना भी लगभग समाप्त हो गई है। साथ ही, चालान से संबंधित सभी जानकारी तुरंत डिजिटल रूप से दर्ज हो जाती है, जिससे निगरानी और समीक्षा करना भी आसान हो गया है। परिवहन मंत्री ने कहा कि यदि लोग यातायात नियमों का पालन करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इसके अलावा, यातायात जाम और प्रदूषण जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में समझें। राज्य सरकार और परिवहन विभाग द्वारा उठाए जा रहे ये कदम बिहार में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। आने वाले समय में आधुनिक तकनीक और सख्त निगरानी के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

You may have missed