January 23, 2026

पटना में 9 सड़कों और 5 पार्कों का बदलेगा नाम, विभाग से मिली मंजूरी, जल्द होगा नामकरण

पटना। राजधानी पटना की पहचान और उसकी ऐतिहासिक-सामाजिक विरासत को और सशक्त बनाने की दिशा में पटना नगर निगम ने एक अहम कदम उठाया है। नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने शहर की 9 सड़कों और 5 पार्कों के नामकरण को मंजूरी दे दी है। इन सड़कों और पार्कों को देश और प्रदेश की जानी-मानी हस्तियों, समाजसेवियों, स्वतंत्रता सेनानियों और पूर्व पार्षदों के नाम समर्पित किया गया है। इस फैसले को न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सशक्त स्थायी समिति का फैसला
पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बीते एक महीने में हुई दो अहम बैठकों में यह निर्णय लिया गया। इन बैठकों में शहर के विभिन्न हिस्सों की सड़कों और पार्कों के नामकरण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति का मानना है कि नामकरण के जरिए उन व्यक्तित्वों को सम्मान दिया जाना चाहिए, जिन्होंने समाज, शिक्षा, संस्कृति, प्रशासन या स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बैठक में मंजूरी मिलने के बाद अब नगर निगम प्रशासन ने नामकरण से संबंधित औपचारिक सूचना डाक विभाग को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि जल्द ही यह नाम व्यवहार में भी लागू हो सकें।
आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर दीघा रोड
सबसे अहम फैसलों में से एक दीघा रोड का नामकरण है। घुरदौड़ से ज्ञान निकेतन गर्ल्स स्कूल तक जाने वाली दीघा रोड अब आचार्य किशोर कुणाल पथ के नाम से जानी जाएगी। आचार्य किशोर कुणाल धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके नाम पर इस प्रमुख सड़क का नामकरण शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती देता है।
पूर्व पार्षदों और समाजसेवियों के नाम पर सड़कें
अशोक राजपथ स्थित नंद गोला मेन रोड पर डॉ. विजय कांत शर्मा के आवास से पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी श्रीराम कुमार के आवास तक के मार्ग को पूर्व पार्षद श्रीराम कुमार पथ नाम दिया गया है। इसी तरह श्रीकृष्णापुरी पार्क के मेन गेट से एलएफ फ्लैट पार्क तक की सड़क को न्यायमूर्ति इंदु प्रभा सिंह पथ नाम दिया गया है। यह नामकरण न्याय और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मान देने का प्रतीक है।
15 दिसंबर की बैठक में लिए गए निर्णय
15 दिसंबर को हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में भी कई अहम नामकरण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वार्ड 72 के अंतर्गत अशोक राजपथ मुख्य सड़क लिंक पथ से अनिल कुमार यादव के मकान से सहदरा चौड़ाहा तक के मार्ग को वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद नथुनी राम यादव पथ नाम दिया गया। यह फैसला स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाले लोगों को पहचान देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
अन्य सड़कों के नए नाम
दीघा विधानसभा क्षेत्र में आशियाना दीघा रोड से आकाशवाणी रोड के बीच स्थित सड़क को अब मुंदर साह पथ कहा जाएगा। कंकड़बाग वार्ड 33 के पूर्वी इंद्रानगर स्थित सुधा देवी लेन रोड नंबर 1-ए का नाम बदलकर पूर्वी इंद्रानगर मार्ग रखा गया है। राजेंद्र नगर रोड नंबर छह पर सुपर स्पेशलिटी नेत्र अस्पताल से ज्योतिषाचार्य पं. रामलोचन पांडेय के आवास तक की सड़क को डॉ. ब्रजकिशोर सिन्हा मार्ग नाम दिया गया है। इसके अलावा एग्जीबिशन रोड और फ्रेजर रोड को जोड़ने वाली लिंक सड़क का नामकरण पद्मभूषण सम्मानित डॉ. दुखन राम मार्ग के रूप में किया गया है।
वार्ड 44 में नया नामकरण
वार्ड 44 में केंद्रीय विद्यालय के समीप नगर निगम द्वारा निर्मित वाटिका और उसके सामने एसबीआई शाखा से कंकड़बाग देवी स्थान तक जाने वाले मार्ग को यदुनंदन प्रसाद मार्ग नाम दिया गया है। यह नामकरण स्थानीय क्षेत्र में सामाजिक और सार्वजनिक योगदान को यादगार बनाने का प्रयास है।
पांच पार्कों को भी मिली नई पहचान
सड़कों के साथ-साथ राजधानी के पांच प्रमुख पार्कों के नामकरण को भी स्वीकृति दी गई है। दीघा विधानसभा क्षेत्र के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पार्क को अटल पार्क नाम दिया गया है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पहले से स्थापित है। चितकोहरा पंजाबी कॉलोनी के पार्क का नाम गुरु गोबिंद सिंह पार्क रखा गया है। न्यू पुनाईचक स्थित पार्क को दानवीर भामा शाह पार्क नाम दिया गया है।
स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में पार्क
वार्ड 44 के डॉक्टर कॉलोनी में जीवक हार्ट हॉस्पिटल के दक्षिण स्थित पार्क का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी चंद्रमा सिंह पार्क के रूप में किया गया है। वहीं राजेंद्र नगर रोड नंबर 6-बी पर स्थित पार्क को डॉ. शारदा सिन्हा–डॉ. ब्रजकिशोर सिन्हा उद्यान नाम दिया गया है। यह नामकरण स्वतंत्रता संग्राम और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी विभूतियों को एक साथ सम्मान देने का प्रयास है।
शहर की पहचान और भावी पीढ़ी के लिए संदेश
पटना नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल नाम बदलना नहीं, बल्कि शहर की पहचान को उसकी ऐतिहासिक और सामाजिक जड़ों से जोड़ना है। जब सड़कों और पार्कों के नाम समाज के लिए योगदान देने वाले लोगों पर रखे जाते हैं, तो आने वाली पीढ़ियां भी उनके कार्यों और विचारों से परिचित होती हैं।
नागरिकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
नगर निगम के इस फैसले को शहरवासियों ने सकारात्मक कदम बताया है। लोगों का मानना है कि इससे न केवल शहर को नई पहचान मिलेगी, बल्कि समाजसेवा, स्वतंत्रता संग्राम और सांस्कृतिक योगदान देने वाले लोगों को उचित सम्मान भी मिलेगा। पटना में 9 सड़कों और 5 पार्कों का नामकरण राजधानी के शहरी विकास के साथ-साथ उसकी सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करता है। यह फैसला पटना को सिर्फ एक आधुनिक शहर ही नहीं, बल्कि अपनी विरासत को संजोकर आगे बढ़ने वाला शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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