January 29, 2026

पटना में गंगा में डूबकर 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, पैर फिसलने से हुआ हादसा

पटना। पटना के दानापुर क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दुखद घटना घटी, जब आनंद बाजार के 70 वर्षीय राम जयपाल चौधरी की गंगा में डूबने से मृत्यु हो गई। यह दुर्घटना कचहरी घाट पर गंगा स्नान के दौरान हुई, जो कि स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक और दैनिक क्रियाकलापों का केंद्र माना जाता है। राम जयपाल चौधरी रोज़ की तरह अपने घर से स्नान के लिए घाट गए थे, लेकिन उस दिन उनका पैर फिसल गया और वे अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे उनकी डूबकर मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय मछुआरों ने हादसा होते ही तत्काल खोजबीन शुरू की। काफी कोशिशों के बाद वे राम जयपाल चौधरी का शव निकालने में सफल रहे। इस हादसे के समय उनके परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे, लेकिन बाद में जानकारी मिलने पर उनका भाई प्रकाश चौधरी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके भाई वर्षो से प्रतिदिन गंगा स्नान करते आ रहे थे, परंतु आज वह दुर्भाग्यशाली दिन था जब उनका पैर फिसला और वे गहरे पानी में डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना, दानापुर के थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भारद्वाज अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दानापुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया। यह प्रक्रिया पारिवारिक एवं कानूनी औपचारिकताओं के अनुसार की गई। पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की आगे की जांच जारी है। गंगा में स्नान करना बिहार के अधिकांश लोगों की धार्मिक एवं दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है, खासकर बड़े-बुजुर्गों में इसकी परंपरा है। घाटों पर अक्सर सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है, लेकिन कभी-कभी अभ्यस्त लोग भी हादसे के शिकार हो जाते हैं। गहरे पानी में जाने या पैर फिसलने जैसी दुर्घटनाएँ प्रायः मानसून या बरसात के दिनों में अधिक होती हैं, क्योंकि उस समय घाट और किनारे अधिक फिसलन भरे हो जाते हैं। राम जयपाल चौधरी के आकस्मिक निधन से उनके परिवार और आसपास के लोग शोक में हैं। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए एक चेतावनी का काम करती है कि जीवन की सामान्य अवस्थाएँ भी अचानक गंभीर दुर्घटनाओं का रूप ले सकती हैं। ऐसे हादसों से बचाव के लिए घाटों पर सुरक्षा उपायों और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। यह दुखद घटना न सिर्फ राम जयपाल चौधरी के परिवार के लिए, बल्कि स्थानीय समाज के लिए भी एक सीख है। घाटों पर स्नान करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतना जरूरी है। प्रशासन को भी घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिए, ताकि ऐसी अनहोनी को टाला जा सके।

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