February 22, 2026

पटना में कोरोना के 6 नए मरीज मिले, तीन अस्पताल में भर्ती, सतर्क रहने की अपील

पटना। राजधानी पटना में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। बीते 24 घंटे में पटना जिले में कोरोना वायरस के 6 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 9 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड पर काम शुरू कर दिया है। लोगों से सतर्क रहने और मास्क का उपयोग करने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नए मामलों में एम्स पटना की एक महिला डॉक्टर, दो नर्स और एक अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती कर विशेष निगरानी में इलाज किया जा रहा है। एम्स प्रशासन के अनुसार, सोमवार को एक डॉक्टर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उसी विभाग से जुड़े उन स्टाफ की जांच कराई गई, जिनमें फ्लू जैसे लक्षण मौजूद थे। जांच में तीन और कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई, जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। इसके अलावा एनएमसीएच (नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल) में भी दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, आरपीएस मोड़ क्षेत्र का एक 42 वर्षीय व्यक्ति भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। संक्रमित मरीजों में अधिकतर को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि कुछ को होम आइसोलेशन में रखा गया है। आईजीआईएमएस के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि अस्पताल में सैंपल जांच की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल परिसर में अब मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और सभी स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों से भी मास्क पहनने और बार-बार हाथ धोने की अपील की गई है। डॉ. मंडल ने लोगों से घबराने की जगह सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, “अगर किसी को बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हैं, तो बिना देर किए जांच कराएं और भीड़-भाड़ से दूर रहें। समय पर जांच और इलाज से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।” स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि कोरोना के संभावित मरीजों की जांच में कोई कोताही न बरती जाए। साथ ही, अस्पतालों में एक बार फिर कोविड प्रोटोकॉल लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ज्ञात हो कि पिछले कुछ महीनों से राज्य में कोरोना के मामले लगभग नगण्य थे, लेकिन अचानक से मामले बढ़ने के बाद चिंता की लहर दौड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम परिवर्तन और लापरवाही के कारण संक्रमण की गति फिर तेज हो सकती है। प्रशासन की ओर से जनता से अपील की गई है कि वे कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाएं, अनावश्यक यात्रा से बचें और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क अवश्य पहनें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

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