रोजगार मेला के तहत पटना में 450 युवाओं को मिला रोजगार पत्र, ऊर्जा स्टेडियम में हुआ भव्य कार्यक्रम
पटना। पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित रोजगार मेले ने सैकड़ों युवाओं के लिए उम्मीद और आत्मविश्वास का नया अध्याय खोल दिया। इस भव्य आयोजन के तहत बिहार के 450 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि देशभर में चल रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा था, जिसके जरिए युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इसी क्रम में देश के 45 स्थानों पर एक साथ 61 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
ऊर्जा स्टेडियम में उत्साह का माहौल
पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर आशावान नजर आए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सशस्त्र सीमा बल की ओर से आयोजन को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक हर जगह अनुशासन और उमंग का वातावरण दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री का ऑनलाइन संबोधन
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज 61 हजार से अधिक नौजवान अपने जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। यह केवल नौकरी का पत्र नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पत्र है। प्रधानमंत्री ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत तेजी से एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग पावर बनता जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि देश के युवाओं को न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नए अवसर मिलें। उन्होंने सभी नव-नियुक्त कर्मियों से नागरिक देवो भव की भावना के साथ सेवा करने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का संबोधन
कार्यक्रम में बिहार की ओर से केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य देश के 10 लाख युवाओं को रोजगार देना है और यह रोजगार मेला उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। पटना के इस केंद्र से 450 युवाओं को रोजगार मिलना बिहार के लिए गर्व की बात है। ललन सिंह ने कहा कि आने वाले समय में भारत पूरी दुनिया के लिए स्टार्टअप हब के रूप में उभरने जा रहा है। सरकार हर स्तर पर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए काम कर रही है। देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है, जिससे न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
एसएसबी की भूमिका और आयोजन की जिम्मेदारी
इस रोजगार मेले के आयोजन की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की ओर से सशस्त्र सीमा बल को सौंपी गई थी। एसएसबी के महानिरीक्षक निशित कुमार उज्ज्वल ने बताया कि यह रोजगार मेले का 18वां संस्करण है, जिसे पूरे देश में एक साथ आयोजित किया गया। उन्होंने इस अवसर के लिए गृह मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल को यह जिम्मेदारी मिलना गर्व की बात है और बल ने इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। इस तरह के आयोजन न केवल युवाओं को रोजगार देते हैं, बल्कि उनमें देश सेवा का भाव भी जागृत करते हैं।
युवाओं के लिए अवसर और जिम्मेदारी
नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के लिए यह दिन बेहद खास रहा। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय से मेहनत और तैयारी के बाद उन्हें यह अवसर मिला है। अब उनके सामने न केवल एक सुरक्षित भविष्य है, बल्कि देश सेवा का भी मौका है। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और गर्व साफ झलक रहा था। प्रधानमंत्री और अन्य वक्ताओं ने यह संदेश भी दिया कि नौकरी मिलने के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। सरकारी सेवा में आने वाले युवाओं को ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ काम करना होगा, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
रोजगार मेले की व्यापक सोच
रोजगार मेला केवल नियुक्ति पत्र बांटने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सरकार की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें युवाओं को राष्ट्र निर्माण का सक्रिय भागीदार माना गया है। देशभर में एक साथ आयोजन कर यह संदेश दिया गया कि सरकार रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस तरह के आयोजनों से यह भी स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस अवसर देने की दिशा में काम कर रही है। बिहार जैसे राज्यों में इसका प्रभाव और भी महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं।
भविष्य की ओर एक कदम
पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित यह रोजगार मेला आने वाले समय के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल 450 युवाओं को सीधा लाभ मिला, बल्कि हजारों अन्य युवाओं में भी उम्मीद जगी है। सरकार का यह प्रयास अगर इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रोजगार मेला युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है, जिसने बिहार सहित पूरे देश में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया है।


