21 को ऐतिहासिक होगा बिहार बंद, जदयू ने नीति, सिद्धांत और विचार को बेच दिया: राजद
पटना। नागरिकता संशोधन विधेयक कानून के खिलाफ 21 दिसम्बर को राजद द्वारा आहूत बिहार बंद को ऐतिहासिक बनाने के लिए राजद ने कमर कस लिया है। प्रदेश राजद अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा है कि बिहार की धरती से धर्मनिरपेक्ष, गरीब और कमजोर लोगों के खिलाफ बनाये गये कानून को वापस लेने तक राजद लड़ता रहेगा। राजद का मानना है कि उक्त विधेयक कानून संविधान और भारतीय परंपराओं की धज्जियां उड़ाता है और धर्म के आधार पर भारत की नागरिकता को कानूनन रूप ही नहीं देती बल्कि गरीब और कमजोर लोगों के खिलाफ साजिश रची गई है। इस कानून का एक मात्र उद्देश्य है ‘बांटो और राज करो’ और इससे भयावह इस सरकार की एनआरसी की नीति है। सीएबी और एनआरसी दोनों मिलकर एक ऐसी व्यवस्था को जन्म देगा जो बड़ी संख्या में एक समुदाय और गरीब, कमजोर लोगों को गुलाम बना देगी। उन्होंने कहा कि सदन में संख्या और बहुमत के बल पर कोई कानून भले पास करा ले लेकिन सर्वमत से ही कोई कानून लागू हो सकता है और ये काले कानून का साथ जेडीयू दे रहा है। अपने नीति, सिद्धांत और विचार को इन्होंने बेच दिया है। इनका चरित्र भी अब घोर साम्प्रदायी और गरीब विरोधी हो गया है। उन्होंने आम जनमानस से अपील किया कि वे इन विध्वंसकारी, कट्टरपंथी और गरीब विरोधी लोगों के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनायें।


