पटना में ऑटो चोर गैंग के 2 अपराधी गिरफ्तार, पांच ऑटो के साथ स्कूटी भी बरामद
पटना। पटना में ऑटो चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पटना सिटी इलाके में सक्रिय सीएनजी ऑटो चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के पांच सीएनजी ऑटो और पांच स्कूटी बरामद की हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में ऑटो चोरी की लगातार बढ़ रही घटनाओं को लेकर आम लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पटना सिटी में सक्रिय था ऑटो चोर गिरोह
यह पूरा मामला पटना सिटी के माल सलामी थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यहां लंबे समय से एक ऐसा गिरोह सक्रिय था, जो सीएनजी ऑटो और दोपहिया वाहनों की चोरी कर उन्हें अलग-अलग इलाकों में बेच देता था। इस गिरोह की वजह से ऑटो चालकों और वाहन मालिकों में काफी डर और नाराजगी थी। कई लोगों की आजीविका इन चोरी की घटनाओं के कारण प्रभावित हो रही थी।
गुप्त सूचना से खुला मामला
माल सलामी थाना पुलिस को रविवार देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि बाजार समिति के पास एक युवक चोरी का सीएनजी ऑटो बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए इलाके में निगरानी शुरू की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने लगी।
पहले आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने मौके पर मुन्ना कुमार नामक युवक को पकड़ लिया। शुरुआती पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने चोरी के ऑटो से जुड़े कई राज उगल दिए। पुलिस को शक हुआ कि यह युवक अकेले काम नहीं कर रहा है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह है।
निशानदेही पर दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी
मुन्ना कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने दमराही घाट इलाके में छापेमारी की। वहां से रोशन कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक रोशन कुमार इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है और चोरी किए गए ऑटो और स्कूटी को छिपाने व बेचने में अहम भूमिका निभाता था। दोनों आरोपियों को थाने लाकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली सामने आने लगी।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पटना और आसपास के इलाकों से सीएनजी ऑटो और स्कूटी चोरी करते थे। चोरी के बाद इन वाहनों को अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा जाता था और फिर ग्राहक मिलने पर कम दामों में बेच दिया जाता था। कई बार वाहन के कागजात और नंबर प्लेट बदलकर उन्हें दूसरे जिलों में भी भेज दिया जाता था।
चोरी के वाहन और सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी के पांच सीएनजी ऑटो, पांच स्कूटी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद मोबाइल फोन में चोरी से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और इसके तार कई अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
माल सलामी थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सिर्फ इस गिरोह का हिस्सा हैं। गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए वाहन किन-किन लोगों को बेचे गए और क्या इसमें किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।
इलाके में बढ़ी पुलिस की सक्रियता
इस घटना के बाद पुलिस ने पटना सिटी और आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। ऑटो स्टैंड, बाजार समिति और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऑटो चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
आम लोगों में राहत की उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद ऑटो चालकों और वाहन मालिकों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह सख्ती से कार्रवाई होती रही, तो चोरी की घटनाओं में जरूर कमी आएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पटना सिटी में ऑटो चोर गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी और बड़ी संख्या में चोरी के वाहन बरामद होना पुलिस के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले दिनों में गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ इस पूरे नेटवर्क के पूरी तरह ध्वस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।


