सारण में 17 वर्षीय नाबालिग के साथ गैंगरेप, तीन अपराधियों ने वारदात को दिया अंजाम, दो गिरफ्तार

सारण। सारण जिले के सहाजितपुर थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाभालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर दिया है। यह घटना बीते २१ जनवरी की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे एक ग्रामीण इलाके में घटित हुई, जब पीड़िता घर से शौच के लिए निकली थी। तीन बदमाशों ने चाकू और पिस्टल का इस्तेमाल करते हुए उसका मुंह दबाकर अपहरण कर लिया और एक सुनसान बथान में ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की माँ द्वारा थाने में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, घटना के दौरान नाभालिग ने अपनी रक्षा के लिए हिम्मतपूर्वक संघर्ष किया, लेकिन आरोपियों ने उसे जबरदस्ती वहाँ ले गए। पीड़िता के शरीर पर कटने और नोचने के निशान मिले हैं, जो उसके प्रतिरोध की गवाही देते हैं। आवेदन में यह भी बताया गया है कि आरोपियों ने अपने चेहरे गमछे से ढक रखे थे, लेकिन संघर्ष के दौरान एक युवक का गमछा हट गया, जिससे पीड़िता ने उसे पहचान लिया। पहचाने गए मुख्य आरोपी के रूप में सहाजितपुर थाना क्षेत्र के हफिजपुर गांव के नारायण पांडेय के पुत्र पवन कुमार पांडेय का नाम सामने आया है। इस मामले की एक विशेष रूप से गंभीर बात यह है कि आरोपियों ने दुष्कर्म की पूरी प्रक्रिया का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया और पीड़िता को धमकी दी कि उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। इससे पीड़िता और उसके परिवार पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सारण के वरिष्ठ अधीक्षक पुलिस (एसएसपी) विनीत कुमार के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी साधनों और मानवीय खुफिया सूचनाओं का उपयोग करते हुए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। त्वरित कार्रवाई के तहत पुलिस ने मुख्य आरोपी पवन कुमार पांडेय समेत एक अन्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ के आधार पर तीसरे आरोपी की धरपकड़ के लिए अभियान जारी है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के अंधेरे में घर के नजदीक भी नाभालिग लड़कियों का इस तरह का शिकार होना सामाजिक सुरक्षा तंत्र पर एक कठोर प्रश्नचिह्न है। पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित गिरफ्तारी ने कुछ हद तक न्याय की उम्मीद जगाई है, लेकिन पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से सहायता प्रदान करना तथा सुनवाई की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना भी उतना ही आवश्यक है। स्थानीय नागरिक संगठनों और समाजसेवियों ने इस नृशंस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि आरोपियों को अति शीघ्र कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए एक सबक बन सके। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि पीड़िता एक संवेदनशील वर्ग से आती है। आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।

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