सुशांत मामला: एसपी विनय तिवारी बोले-मुझे क्वारंटाइन नहीं करते तो और सबूत मिलते
पटना। बिहार के युवा बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की जांच के लिए मुंबई गई पटना पुलिस की टीम को सहयोग नहीं किए जाने के उपरांत टीम का नेतृत्व करने के लिए आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को मुंबई भेजा गया था, वे जांच को आगे बढ़ाने ही वाले थे कि कुछ घंटे बाद ही उन्हें बीएमसी ने होम क्वारंटाइन कर दिया, जिसके बाद मुंबई पुलिस की जमकर आलोचना हुई। सुप्रीम कोर्ट तक ने मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई के लिए निंदा की। जब बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कोर्ट जाने की चेतावनी दी तो मुंबई पुलिस को घुटना टेकना पड़ा, तब जाकर शुक्रवार को आईपीएस अधिकारी को क्वारंटाइन मुक्त किया। आनन-फानन में बिहार पुलिस ने उनके आने का प्रबंध किया, किसी प्लेन में सीट नहीं होने की वजह से विनय तिवारी को मुंबई वाया हैदराबाद वाया पटना हवाईजहाज के जरिए शुक्रवार-शनिवार की देर रात पटना एयरपोर्ट पर उतरे। उन्हें रिसीव करने खुद डीजीपी एयरपोर्ट पहुंचे थे। पटना आने के बाद आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी ने शनिवार को सुशांत मामले की जांच के विषय में कहा कि बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) उन्हें मुंबई में क्वारंटाइन नहीं करता तो और सबूत मिलते। चार-पांच दिन में जांच में और प्रगति होती तथा कुछ और लोगों से पूछताछ की जाती। कुछ और सबूत जुटाए जाते। वहां क्या हुआ, यह सबने देखा है।
एसपी ने कहा कि बिहार पुलिस की जांच तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही थी। मैं बिहार से मुंबई आधिकारिक दौरे पर गया था। मेरे जाने से पहले मुंबई पुलिस को सब कुछ नियमानुकूल बताया गया था। फिर भी मुझे क्वारंटाइन कर दिया गया। रविवार को मुंबई पहुंचकर मैं पहले से आए अपने पुलिस अधिकरियों से मिला। इसके बाद रात को बीएमसी के अधिकारियों ने नियम का हवाला देते हुए क्वारंटाइन में रहने की बात बताई। मैंने मुंबई में प्रशासन को पूरा सहयोग दिया।


