सीएम नीतीश ने डीएम-एसपी को दिया निर्देश, पता करें गरीब परिवारों राशन मिल रहा है या नहीं
पटना। लॉकडाउन-4 में बिहार सरकार को गरीबों का ख्याल आया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी जिले के डीएम और एसपी को निर्देश दिया है कि गरीब परिवारों पर विशेष ध्यान रखा जाए। अफसर गरीबों की बस्ती में जाकर देखते रहें कि उन्हें किसी तरह की दिक्कत तो नहीं है। गुरुवार को यह जानकारी देते हुए सूचना जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने डीएम और एसपी को निर्देश दिया है कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर यह सूचना लेते रहें कि जरूरतमंदों को सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ ठीक से मिल रहे हैं या नहीं। अगर किसी को रोजगार चाहिए तो उसे रोजगार के अवसर मिल रहे हैं या नहीं। पीडीएस से उन्हें राशन मिल रहा है या नहीं। वहीं शुक्रवार को 87 ट्रेन से 143550 प्रवासी मजदूर आने वाले हैं।
अनुपम कुमार ने कहा कि राशन कार्ड विहीन परिवार को जल्द से जल्द राशन कार्ड मिले इसके लिए तेजी से काम किया जा रहा है। अनुमंडलों में काफी संख्या में आॅपरेटर लगाकर राशन कार्ड बनाया जा रहा है। सर्वे का काम लगभग हो गया है। 1.35 करोड़ राशन कार्ड वाले परिवार के खाते में एक हजार रुपए डाले गए हैं। राशन कार्ड विहीन सुयोग्य परिवारों की पहचान के लिए जीविका के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में और नेशनल अर्बन लिवलीहुड मिशन के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सर्वे हुआ था। सर्वे में मिले 18 लाख 5 हजार परिवार के खाते में 1 हजार रुपए डाले गए हैं। इन सबका राशन कार्ड तेजी से बनाया जा रहा है।
अनुपम ने आगे बताया कि बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर बिहार आ रहे हैं। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि जो भी प्रवासी आना चाहेगा उसे लाया जाएगा। आज 85 ट्रेन से 140250 लोग बिहार आ रहे हैं। शुक्रवार को 87 ट्रेन से 143550 लोग आने वाले हैं। मुख्यमंत्री की सभी से अपील है कि घबराएं नहीं, सबको लाया जाएगा। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। सभी जिले के डीएम और एसपी को कहा गया है कि कोई प्रवासी पैदल नहीं चले। अगर कोई प्रवासी पैदल सफर करता दिखता है तो तुरंत उसे वाहन के माध्यम से उसके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। अभी 143 आपदा राहत केंद्र चल रहे हैं। 75757 लोग आपदा राहत केंद्र का लाभ उठा रहे हैं। ब्लॉक स्तरीय क्वारंटाइन सेंटर की संख्या बढ़कर 10353 हो गई है। इन सेंटरों में 745881 प्रवासी रह रहे हैं।


