सीएम नीतीश को ले अमर्यादित भाषा पर गरमाई सियासत, भड़के ट्विटर यूजर्स ने क्या कहा जानें
पटना। बिहार की सियासत में शायद पहली बार किसी राजनीतिक दल की आधिकारिक सोशल साइट से अमर्यादित बयान आया है। राजद के ट्विटर हैंडल से जदयू सुप्रीमो व मुख्यमंत्री नीतीश के समर्थकों की तुलना एक पालतू जानवर से करते हुए कहा गया है कि ये पांच पालतू जानवर अब किस मुद्दे पर शोर करेंगे? इस पर भड़के ट्विटर यूजर्स ने राजद को ट्रोल कर दिया।
बता दें मामला राजद सुप्रीमो लालू यादव के बेटे व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की 23 फरवरी से शुरू हो रही बेरोजगारी हटाओ यात्रा से जुड़ा है। रथयात्रा के बस को लेकर जदयू नेता व सूचना जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने आरोप लगाया था कि यह मंगल पाल नामक एक गरीबी रेखा के नीचे के व्यक्ति के नाम पर राजद के पूर्व विधायक अनिरुद्ध यादव ने खरीदा है। यह काला धन को सफेद करने की कोशिश है। अपनी बात के समर्थन में नीरज कुमार ने दस्तावेजी सबूत भी दिए। इसके बाद पूर्व विधायक अनिरुद्ध यादव ने नीरज कुमार पर पलटवार करते हुए कहा कि मंगल पाल उनका नौकर नहीं, भाई जैसा है। वह ठेकेदारी करता है तथा आयकर रिटर्न भी भरता है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बताया कि पार्टी ने बस किराए पर ली है। इसके बाद राजद ने जदयू पर हमला करते हुए ट्वीट भी जारी कर दिया।
राजद के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट पर यूजर्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत सिंह सेंगर ने सवाल किया है कि क्या यह किसी राजनीतिक पार्टी का आधिकारिक हैंडल की भाषा है? लक्ष्मीकांत करवा ने लिखा है कि एक पालतू ही अन्य पालतू के बारे में सोंच सकता है। वहीं अपने ट्विट में कविता राम रमण लिखती हैं कि ये पालतू राजद से बेहतर हैं। वे अपने स्वामी के प्रति वफादार हैं। राजद तथा इसके नेता तो बिहार के लिए कैंसर हैं। राजद पहले अपना घर तो संभाले। डॉ. जी बघेल सवाल करते हैं कि क्या आरजेडी ने ऐसा ट्विट किया है? लगता है कि लालू प्रसाद यादव के पास भी कई पालतू हैं। कुछ ट्वीट राजद के पक्ष में भी रहे। शरीकुल बारी ने आरोप लगाने वाले को ‘निर्लज कुमार’ कहा तथा बताया कि उनकी दिहाड़ी नीतीश कुमार ने काट लिया, क्योेंकि उनका दुष्प्रचार एक घंटे भी नहीं चल पाया।


