विधानसभा में शपथ ग्रहण : एआइएमआइएम के विधायकों ने दिखाए तेवर, हिंदुस्तान बोलने पर जताई आपत्ति
पटना। 17वीं बिहार विधानसभा के पहले ही दिन सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह के दौरान असदुउद्दी ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम के पांच विधायकों ने अपने तेवर दिखाए। विधायकों ने शपथ पत्र में लिखे हिंदुस्तान शब्द पर आपत्ति की और हिंदुस्तान की जगह भारत बोलने पर अड़े। इस पर बीजेपी विधायक ने कहा कि जो हिंदुस्तान नहीं बोल सकते उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। बताते चलें बिहार विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जा रही है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम के विधायक ने शपथ के दौरान हिंदुस्तान शब्द के इस्तेमाल से इंकार कर सदन में असहज स्थिति पैदा कर दी।

कहा- नहीं लेंगे हिंदुस्तान के संविधान के नाम पर शपथ
विधायक अख्तरुल इमान का नाम जैसे ही शपथ के लिए पुकारा गया, उन्होंने हिंदुस्तान शब्द पर आपत्ति जता दी। उन्हें उर्दू में शपथ लेनी थी। प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी से उन्होंने हिंदुस्तान के बदले भारत शब्द बोलने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा में शपथ लेते वक्त भारत के संविधान शब्द का प्रयोग किया जाता है। मैथिली भाषा में भी यही शब्द आता है, लेकिन उर्दू में शपथ के लिए जो प्रपत्र दिया गया है, उसमें भारत के बदले हिंदुस्तान लिखा गया है। अख्तरुल ने कहा कि वह भारत के संविधान के नाम पर शपथ लेंगे, न कि हिंदुस्तान के संविधान के नाम पर।
आग्रह पर भी नहीं माने
अख्तरुल की आपत्ति पर प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी ने कहा कि ऐसा पहली बार तो हो नहीं रहा है। पहले भी उर्दू भाषा में शपथ के प्रपत्र में भारत की जगह हिंदुस्तान ही लिखा रहता था। दोनों नाम में शब्दों के अलावा और कोई फर्क भी नहीं है। मांझी के आग्रह का भी अख्तरुल पर कोई असर नहीं पड़ा और वह हिंदुस्तान के बदले भारत शब्द के उच्चारण पर ही अड़े रहे।
शपथ के बाद शुरू हुई बयानबाजी
अख्तरउल इमाम की इस टिप्पणी ने शपथ के बाद तूल पकड़ लिया। भाजपा विधायकों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए। अगर हिंदुस्तान शब्द बर्दाश्त ही नहीं तो फिर यहां उन्हें यहां रहने का कोई हक नहीं। अख्तरुल इमाम के विवादित बोल के बाद विधान सभा परिसर में बीजेपी विधायक नीरज बबलू ने कहा – यह गलत नियति है। गलत परंपरा है। जो लोग हिंदुस्तान नहीं बोल सकते, उन्हें हिंदुस्तान में नहीं रहना चाहिए। ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
बोले अख्तरूल इमाम
वहीं शपथ ग्रहण के बाद पत्रकारों से बातचीत के क्रम में अख्तरउल इमाम ने कहा कि भारत शब्द के अनुवाद पर उनका विरोध था। इसके अतिरिक्त कोई और मसला नहीं था। वहीं उर्दू में शपथ की जो कॉपी दी जाती है वह बेहतर नहीं होती है। कागज और उसकी टाइपिंग भी स्तरीय नहीं होती।


