अब LJP के पूर्व प्रदेश महासचिव सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में शामिल, LJP ने दी यह प्रतिक्रिया
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद से लोजपा में टूट का सिलसिला जारी है। कुछ दिन पूर्व 200 से ज्यादा नेता जदयू में शामिल हुए, उसके बाद लोजपा की एकमात्र एमएलसी व मंत्री नीरज कुमार बबलू की पत्नी भाजपा में शामिल हुई और अब मंगलवार को भी लोजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव सहित सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ले ली। एनडीए में किनारे लगा दी गयी लोजपा और उसके सुप्रीमो चिराग पासवान के लिए ये किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
मंगलवार को बेतिया के हरिवाटिका स्थित एक विवाह भवन में लोजपा-भाजपा मिलन समारोह का आयोजन किया गया। मौके पर लोजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव सह सीतामढ़ी प्रभारी विश्वनाथ कुशवाहा समेत सैकड़ों लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। मिलन समारोह में भाजपा में शामिल हो रहे लोजपा नेताओं का स्वागत स्वयं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह प. चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने किया।
डॉ. जायसवाल ने लोजपा नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा की राजनैतिक विचारधारा है। भाजपा में शामिल होने वाले सभी को पार्टी में एक परिवार और भाई की तरह सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में लोजपा-भाजपा का मजबूत गठबंधन रहा है। उस दौर में सबके साथ काम कर चुके हैं। रामविलास पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़े रहते थे। डॉ. जायसवाल ने कहा कि चंपारण भाजपा का गढ़ है। लोजपा नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद अब अभेद्य किला बन गया है।
वहीं भाजपा का सदस्यता ग्रहण करने वाले लोजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव व पूर्व प्रत्याशी विश्वनाथ प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान चंद लोगों से घिर गए हैं। लोजपा में लोकतंत्र समाप्त हो चुका है। इसी कारण पिछले नवंबर माह में ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा में शामिल होकर काफी खुशी महसूस हो रही है।

लोजपा का नेता बोलना कैसे तर्कसंगत
लोजपा की तरफ से प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया प्रभारी कृष्णा सिंह कल्लू ने कहा कि जब विश्वनाथ कुशवाहा ने कुछ दिन पहले लोजपा को छोड़कर जदयू का हाथ थामा था, तब ऐसे में उन्हें लोजपा का नेता बोलना कैसे तर्कसंगत होगा, वो तो जदयू के नेता बन चुके हैं और बीजेपी के जदयू के खेमे में सेंधमारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर ही विश्वनाथ कुशवाहा को अपने पार्टी की सदस्यता दिला कर जदयू को उसकी स्थिति से वाकिफ करवा दिया। श्री सिंह ने जदयू के नेताओं को अपनी पार्टी पर ध्यान देने की नसीहत देते हुए कहा कि जिनके खुद के घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों के घर पर पत्थर नहीं मारते।

