February 12, 2026

लॉक डाउन में बिहार सरकार ने 17 लाख मजदूरों को मरने के लिए छोड़ा : तेजस्वी

पटना। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। शुक्रवार को लॉक डाउन का 31वां दिन है। इस लॉक डाउन में सबसे अधिक प्रभावित कोई हैं तो वह दिहाड़ी मजदूर हैं। काम की तलाश में दूसरे राज्यों में गए बिहार के मजदूर फंसे हुए हैं। वो अपने गांव-घर आने को व्याकुल हैं। इस पर बिहार में विपक्ष नीतीश सरकार पर लगातार हमला कर रही है।
राजद नेता व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिहार सरकार पर आरोप लगाया कि 17 लाख अप्रवासी बिहारी जहां फंसे हैं वहां की सरकारें उन्हें भेजना चाहती हैं, लेकिन बिहार सरकार उन्हें लाना नहीं चाहती। क्या राज्य ने उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया है? क्या यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा नहीं है? नीतीश के एमपी वीआईपी पास लेकर दिल्ली से बिहार पहुंच सकते हैं, लेकिन मजदूर नहीं।

बताते चलें पटना हाईकोर्ट ने दाखिल एक याचिका पर गुरूवार को सुनवाई करते हुए दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को लाने के संबंध में बिहार सरकार से जवाब मांगा है। इस पर बिहार सरकार ने बताया कि लॉकडाउन के चलते बिहार के 17 लाख से ज्यादा लोग दूसरे राज्यों में फंसे हैं। लॉकडाउन के चलते इनको बिहार नहीं लाया जा सकता है। फौरी सहायता के तौर पर इनको भोजन, राशन और रुपए दिए जा रहे हैं। बिहार लॉकडाउन और केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करेगा। दूसरी तमाम तरह की समस्याओं को दूर करने की हरसंभव कोशिश जारी है। टेलीफोन, हेल्पलाइन नम्बर, मोबाइल एप बहुत पहले से जारी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

You may have missed