लालटेन पर वोट नहीं दिया तो घरवालों ने वृद्ध महिला को घर से निकाला

पटना। एक वृद्ध महिला को लालटेन पर वोट न देकर भाजपा को वोट देना महंगा पड़ा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या एक विशेष दल को वोट देने की वजह से किसी को घर से निकाला जा सकता है? इसका जवाब नहीं है। लेकिन ऐसा हुआ है। सहरसा की रहने वाली मुखियाइन देवी को भाजपा को वोट देने की वजह से घर से निकाल दिया गया। अब जब वो अपने लिए न्याय मांगने पटना के सीएम आवास पहुंचीं तो नई सरकार बनाने में जुटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने नहीं दिया गया, उल्टे थाना ले जाकर बिठा दिया गया।
सहरसा जिले के रामपुर गांव की रहने वाली मुखियाइन देवी ने अपने साथ गांव के लोगों और घरवालों के द्वारा किए गए ज्यादती की कहानी बयां की। पीएम मोदी की योजनाओं से लाभान्वित मुखियाइन देवी ने इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को वोट देने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा, मुझ पर परिवार और आसपास के लोग लालटेन के निशान पर वोट देने का लगातार दवाब बना रहे थे, लेकिन मैंने भाजपा को वोट दिया। इसी बात का खुन्नस निकालते हुए मेरे बहू-बेटों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया।
इसके बाद मुखियाइन देवी न्याय के लिए सहरसा से एक, अणे मार्ग भी आ गईं लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिल नहीं सकीं। मुख्यमंत्री आवास के बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सचिवालय थाना पहुंचा दिया। इस पूरे वाकये के दौरान मुखियाइन देवी न्याय की गुहार लगाती रहीं। उनके पास भाजपा का झंडा, पीएम मोदी की कई तस्वीरें, बुकलेट आदि भी मिलीं।

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