PATNA : लापता कारोबारी भाइयों के मामले में बेउर जेल में छापेमारी, नौबतपुर के कुख्यातों पर रही नजर
तीन घंटे से अधिक समय तक चला तलाशी अभियान, मोबाइल समेत कई आपत्तिजनक सामान हुए बरामद

पटना/फुलवारी शरीफ। 8 दिन बाद भी राइस मिल के मालिक और चावल कारोबारी भाई राकेश कुमार गुप्ता और अमित कुमार गुप्ता के लापता होने का रहस्य बरकरार है। पटना से सटे नौबतपुर से लापता उक्त कारोबारी भाईयों का पता लगाने में पटना पुलिस का हाथ अब तक खाली है। वे कहां लापता हो गए या अपहरण कर लिया गया, इसे लेकर परिजन के साथ पुलिस भी हैरान-परेशान है। इस मामले में कनेक्शन खंगालने के लिए पटना पुलिस की टीम ने मंगलवार की अहले सुबह बेउर जेल में छापेमारी की। करीब तीन घंटे से भी अधिक देर तक चली इस छापेमारी में बेउर जेल के सभी चार ब्लॉक के कुल 96 वार्डों को खंगाला गया। इस दरम्यान पुलिस की नजर नौबतपुर के कुख्यात अपराधियों पर रही।
एसडीएम के नेतृत्व में जेल के सभी वार्डों को खंगाला
बढ़ती आपराधिक वारदातों को देखते हुये पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेउर में छापेमारी की गई। बढ़ते अपराध की घटनाओं में जेल से बैठे अपराधियों के आकाओं को वरीय अधिकारियों ने जमकर क्लास लगायी है। अहले सुबह हुई इस छापेमारी में जेल कर्मियों से लेकर बंदियों में हड़कंप मच गया। बेउर जेल में नौबतपुर और उसके आसपास के इलाकों के कई कुख्यात अपराधी बंद हैं, जो पहले किडनैपिंग, हत्या और रंगदारी जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। चावल कारोबारी भाईयों के लापता होने के कई दिनों बाद भी कुछ सुराग पुलिस को नहीं मिल पाया है। दो बड़े कारोबारी भाईयों राकेश और अमित के लापता होने के इस केस को पटना पुलिस किडनैपिंग के प्वाइंट पर भी जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों से पुलिस ने नौबतपुर के कुख्यातों के मोबाइल नंबर को लिसनिंग पर ले रखा है। चावल कारोबारी भाई राकेश कुमार गुप्ता और अमित कुमार गुप्ता से जुड़े मामले को सुलझाने के लिए भी इस छपेमारी को जोड़ कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस टीम ने जेल में तकरीबन 3 घंटे तक छापेमारी की और बेउर जेल के सभी चार ब्लॉक गंगा, यमुना, गोदावरी और सरस्वती के कुल 96 वार्डों को खंगाल डाला। बेउर जेल में हुई छापेमारी में पटना एसडीएम के नेतृत्व में पटना एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा, सिटी एसपी विनय तिवारी सहित कई डीएसपी व थानेदारों के साथ ही दारोगा और सिपाहियों की एक बड़ी टीम ने कारा के सभी वार्डों में सघन तलाशी ली। सूत्रों की मानें तो एक ब्लॉक में बंद अपराधी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। वह अपराधी कौन है, इस बारे में कोई डिटेल पटना पुलिस की तरफ से अभी नहीं दिया गया है।
मंगलवार की सुबह पौने छह बजे आला पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां अचानक बेउर जेल कैम्पस में आने लगी, जिसकी भनक पाते ही जेल के भीतर छापेमारी के अनुमान भांप बाहुबलियों और कुख्यात अपराध कर्मियों के कान खड़े हो गए। हालांकि बेउर कारा अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी में कुछ भी आपत्तिजनक समान नहीं मिला है।
सवाल है कि छापेमारी और जेल गेट से तलाशी के बावजूद आपत्तिजनक सामानों को कारा कर्मियों की मिलीभगत से अंदर पहुंचाने का सिलसिला रुक नहीं पाया है। अपराधिक वारदातों में बढ़ोतरी के बाद केवल जेल में छापा मार कर पुलिस टीम इतिश्री कर लेती है।

