रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार सबसे आवश्यक : डॉ. सुधाकर

पटना। जिस प्रकार प्रकृति अनुशासन से चलती है उसी प्रकार मानव को भी अपनी दिनचर्या में अनुशासन का पालन करना होगा, यही रोग से मुक्त होने का मूल मंत्र है। प्राकृतिक चिकित्सा की कई विधियां जैसे मिट्टी लेप, वेट पैक इत्यादि की उपयोगिता की चर्चा करते हुए बताया कि इन्हीं क्रियाओं से शरीर में बनने वाले टॉक्सिन निकलता है। ये बातें टीपीएस कॉलेज के वनस्पति विभाग, एनएसएस एवं एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में वेलनेश एट होम विषय पर आयोजित वेबिनार में दिव्य आरोग्य नेचयूरो पैथ हास्पीटल के निदेशक डॉ. सुधीर कुमार ने कहा। डायटीशियन डॉ. सुधाकर मिश्रा ने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार सबसे आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न मिनरल की चर्चा करते हुए कहा कि कैल्शियम और आयरन इम्यूनिटी के लिए आवश्यक है। वर्तमान समय में कोविड-19 से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये रखें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दर्शनशास्त्र के प्राध्यापक प्रो. शयामल किशोर ने कहा कि जीवन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समुचित आहार, समयक विहार (श्रम, संयम एवं स्वच्छता) एवं प्राकृतिक उपचार को जीवन शैली का अंग बनाना होगा। एनएसएस के पदाधिकारी प्रो. कृष्नंदन प्रसाद ने बच्चों को कोरोना महामारी के संकट में संयमित जीवन शैली को अपनाने का सलाह दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक डॉ. विनय भूषण ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवम यादव ने किया। कार्यक्रम में प्रो. नूतन, प्रो. प्रशांत एवं काफी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

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